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साकेत महायज्ञ-पूर्णाहुति में लगा भक्तों का तांता ,विदेशों से पधारे भक्त, सांस्कृतिक संध्या में बही भक्ति रस की धारा

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नवी मुंबई। सदगुरु फाउंडेशन के माध्यम से पावने के गामी ग्राउंड मे शुरू 9 दिवसीय साकते महायज्ञ के पूर्णाहुति में भक्तों का तांता देखने मिला। जय गुरु देव के शिष्य सदगुरु श्री दयाल जी के उपस्थिति मे शुरू इस महायज्ञ मे विशेष रूप से विदेशों से पधारे भक्तों की भक्ति देखने बन रही थी। विशेष की इस महायज्ञ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस से सराबोर हुए। विशेष पंडाल में भजन संध्या के दौरान प्रख्यात भजन सम्राट अनूप जलोट का भजन भी सुनने मिला।

इस महायज्ञ परिक्रमा के दौरान दूरदराज क्षेत्रों के लोगों के साथ ही विदेशों से आए हजारों पुरुष महिलाएं दर्शनों का लाभ उठा रहे हैं। गौरतलब है कि रोजाना सैकड़ों भक्तों द्वारा यज्ञ की परिक्रमा की जा रही है। इस दौरान उपस्थित पंडितों ने यज्ञ के गूढ़ रहस्यांे के बारे में बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यज्ञ की परिक्रमा करने से कई जन्मों के पुण्य का लाभ मिलता है सदगुरु श्री दयाल जी जिंदगी जीने की सीख देते हुए कहा कि जन्म महत्वपूर्ण नहीं है, मृत्यु महत्वपूर्ण है। इसीलिए पुण्य करते रहना चाहिए। इस साकेत महायज्ञ से यहा के लोगों के साथ ही सुख शांति के लिए फायदा होगा। कैलिफोर्निया से डॉक्टर अनूप मोखा ने बताया कि इस महायज्ञ से जीने का सहारा मिलता है गुरु जी के बताए हुए कदमों पर चलने के साथ ही अच्छे कर्म करने का मौका मिल रहा है। अनूप पिछले कई वर्षों से जय गुरुदेव से जुड़े है उन्हे गुरु जी के साथ जुड़कर ओर इस यज्ञ मे शामिल होकर तनाव से मुक्ति मिलती है संकट समाप्त होता है गुरु जी संकट मे एक ढाल बनकर रहते है। इसकी अनुभूति कई बार हुई है | इसके लिए इस यज्ञ की पवित्रता को जाननी चाहिए। बाकी लोगों को भी इस मे शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है। अमेरिका से परिवार के साथ मनीष रुंगटा ने बताया कि गुरु जी अकसर कहते है इंसान को अपने आप को बदलाव करते हुए दयालु बननी चाहिए। यज्ञ दूसरे के लिए करते है अपने लिए नहीं।  इससे दूसरों को भला होने के साथ ही हमारा भी होगा। अमेरिका से परिवार के साथ आए विजय दीक्षित ने बताया कि लगभग पांच वर्षों से अधिक समय से जुड़े है इससे पहले उत्तराखंड मे साकेत महायज्ञ मे शामिल हुए थे। यज्ञ मे शामिल होने के बाद मन मे शांति मिली। अब मन शांत रहता है अध्यात्म मे मन लगता है गुरु जी का मार्गदर्शन हमेशा मिलते रहता है इसके बाद बहुत ही गहरा प्रभाव महसूस होता है लोग कहते है बदल गए है लेकिन यह सब गुरु जी ने हमे बदल दिया है। इसके साथ ही ब्राजील से आए धीरज मोरे ने बताया कि गुरु जी के साथ जुडने के बाद काफी बदलाव हुआ है ऐसे मे गुरु जी के हर यज्ञ मे शामिल होता हु इससे मन को शांति ओर ताकत मिलती है।

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