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घूमने ,सेल्फी लेने और बचाव देखने 15 हजार से अधिक इरशालवाड़ी पहुंचे, रायगड जिला प्रशासन हुआ सख्त

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मुंबई। रायगढ़ के इरशालवाड़ी में भूस्खलन के कारण हादसा हुआ। बुधवार रात दुर्घटना के बाद अब तक कम से कम 15 हजार लोग सिर्फ देखने के लिए आए थे। इन तमाशबीनों को रोका नहीं जा सका, इसलिए उनमें से कुछ सीधे उस स्थान पर पहुँच गए जहाँ बचाव अभियान चल रहा था। कुछ लोगों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लेते हुए दुर्घटनास्थल पर सेल्फी लीं। ये दृश्य पुलिस और बचाव कर्मियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। बार-बार भीड़ न लगाने की हिदायत के बावजूद घटनास्थल और पहाड़ी के नीचे तमाशबीनों की भीड़ कम नहीं हो रही है। ऐसे मे अब जिला प्रशासन ने तमाशबीन बन कर सिर्फ सेल्फ़ी लेने पहुच रहे इन लोगों को रोकना शुरू कर दी है।

नामाराचीवाड़ी और नानीवली गांव की ओर जाने वाली सड़क पर चौक ग्राम पंचायत के सदस्यों ने पुलिस की मौजूदगी में बड़ी संख्या में तमाशबीन बने लोगों को छोड़ा गया । उनमें से कुछ लोग घटना स्थल पर पहुंच गए थे।इरशालवाड़ी में घटनास्थल पर बनाए गए नियंत्रण केंद्र को बार-बार भीड़ न लगाने की हिदायत देनी पड़ी। इन तमाशबीनों से एनडीआरएफ के कर्मचारी, डॉक्टर और संघटना के कार्यकर्ताओ को रुकावट हो रहा था। घटना स्थल तक पहुंचने के लिए 4 किलोमीटर की सड़क है और यहां ये लोग जगह-जगह खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे।

इरशालवाड़ी में हुए भूस्खलन से दबे लोगों को बाहर निकाल रहे एनडीआरएफ के जवानों को प्रकृति के प्रकोप की चुनौती का सामना करना पड़ा। पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश, घने कोहरे, मूसलाधार पानी और तेज बहती कीचड़, भूस्खलन का सामना करते हुए एनडीआरएफ का बचाव अभियान अभी भी जारी है। मिट्टी और मिट्टी के ढेर उठाने के बाद ऊपर से आने वाली भारी बारिश का पानी जमा हो जाता है, जिससे बचाव कार्य में भारी बाधाएं पैदा हो रही हैं और अब इलाके में दबे हुए शवों की दुर्गंध फैल रही है। मरने वालों की संख्या 29 हो गई और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे हैं। इरशालगढ़ के किनारे बसा इरशालवाड़ी पर बुधवार की रात चट्टान गिर गया। इस हादसे में 25 घर और 120 ग्रामीण इसके नीचे दब गए। एनडीआरएफ, टीडीआरएफ और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बचाव अभियान शुरू किया।चूंकि इरशालवाड़ी बहुत दुर्गम पहाड़ी पर है, इसलिए पहले दिन कोई भी मशीन वहां नहीं पहुंच सकी। अब धीरे धीरे मलबा हटाए जाने के बाद नीचे से शव भी निकाले जा रहे है। कई घायल लोग भी निकल रहे है। प्रांताधिकारी अजीत नैराले, खालापुर के तहसीलदार अयूब तंबोली, नायब तहसीलदार सुधाकर राठौड़, उपविभागीय पुलिस अधिकारी विक्रम कदम, खालापुर पुलिस निरीक्षक बाला कुंभार के मार्गदर्शन में बचाव दल योजना बनाकर मृतक की पहचान करने पर काम कर रहे है।

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