नासिक में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए विवाद ने अब जबरदस्त सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। वंचित बहुजन अघाड़ी के नेशनल प्रेसिडेंट एडवोकेट प्रकाश अंबेडकर ने इस पूरे मामले में सीधे मोर्चा खोलते हुए फॉरेस्ट गार्ड माधवी जाधव से फोन पर बात की और उन्हें पूरा समर्थन देने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का ठोस भरोसा दिलाया।
माधवी जाधव (Madhavi Jadhav Forest Guard) ने पूरी घटना विस्तार से प्रकाश अंबेडकर (Prakash Ambedkar) के सामने रखी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन (Girish Mahajan) के व्यवहार को ‘घटिया सोच’ करार देते हुए तीखा हमला बोला। प्रकाश अंबेडकर ने साफ शब्दों में कहा कि यह हरकत सिर्फ अपमानजनक नहीं, बल्कि SC/ST एट्रोसिटीज एक्ट के तहत गंभीर अपराध है और इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने दो टूक कहा, “डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर (Dr Babasaheb Ambedkar insult) का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बहुजन समाज का अपमान है।”
प्रकाश अंबेडकर ने यह भी ऐलान किया कि वंचित बहुजन अघाड़ी की नासिक वेस्ट कमेटी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है। अगर पुलिस ने केस दर्ज करने में कोई टालमटोल की, तो वे खुद कानूनी ड्राफ्ट तैयार कर केस दर्ज कराने के लिए पुलिस को बाध्य करेंगे।
इतना ही नहीं, उन्होंने RSS और BJP पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि ये संगठन लगातार डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और बहुजन समाज के लोगों की बेइज्जती कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, यह पूरा मामला नासिक के पुलिस परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस के मुख्य सरकारी झंडा फहराने के कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जब मंत्री गिरीश महाजन ने अपने भाषण में संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का नाम नहीं लिया। इस पर वहां मौजूद फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की महिला कर्मचारियों ने कड़ा एतराज़ जताया, जिनमें माधवी जाधव सबसे आगे रहीं।
अब इस मुद्दे पर प्रकाश अंबेडकर की एंट्री के बाद सियासत गरमा गई है और साफ है कि यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक रूप लेने वाला है।



