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Mumbai: आर्थिक राजधानी के पॉश इलाके कफ परेड में अवैध होर्डिंग्स की भरमार, सीपीआरए अध्यक्ष पद्माकर नांदेकर ने लिखा पत्र

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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (mumbai) के पॉश इलाके कफ परेड में इन दिनों अवैध होर्डिंग्स की भरमार हो गई है। एक ओर सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान चलाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर उनकी नाक के नीचे ही हजारों अवैध होर्डिंग्स लगे हुए हैं। सीएसटी से मंत्रालय, और मंत्रालय से नरीमन पॉइंट व कफ परेड (CPRA president dr. Padmakar Nandekar) तक, राजनीतिक और डिजिटल बोर्ड की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे कफ परेड के निवासियों को काफी दिक्कत हो रही है। खासकर डिजिटल बोर्ड से दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिसके चलते स्थानीय निवासियों ने सरकार और BMC के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन की शिकायत
कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन (CPRA) ने इस मुद्दे पर BMC को एक पत्र लिखा है, जिसमें दक्षिण मुंबई में अवैध और डिजिटल होर्डिंग्स का विरोध किया गया है। निवासियों ने मांग की है कि कफ परेड क्षेत्र से इन अवैध होर्डिंग्स को तुरंत हटाया जाए और इसके जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अवैध होर्डिंग्स न लग सकें।

कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन (CPRA) ने इस मुद्दे पर BMC को एक पत्र लिखा
कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन (CPRA) अध्यक्ष पद्माकर नांदेकर ने इस मुद्दे पर BMC को एक पत्र लिखा

वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पद्माकर नांदेकर का विरोध
कफ परेड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष, पद्माकर नांदेकर ने कहा, “पहले हमें अवैध निर्माणों से समस्या होती थी, लेकिन अब अवैध होर्डिंग्स और बड़े डिजिटल आउटडोर डिस्प्ले हमारे इलाके में लग गए हैं। इससे सड़क पर वाहन चालकों का ध्यान भटकता है और कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। सड़कों के बीच और इलेक्ट्रिक पोल पर लगे ये बैनर दृश्य अवरोध पैदा करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।”

फुटपाथों पर लगे अवैध निर्माण और सड़कों पर होर्डिंग्स लोगों के लिए बड़ी समस्या, जोइंडिया की खबर
फुटपाथों पर लगे अवैध निर्माण और सड़कों पर होर्डिंग्स लोगों के लिए बड़ी समस्या, जोइंडिया की खबर

उन्होंने यह भी कहा कि फुटपाथों पर लगे अवैध निर्माण और सड़कों पर होर्डिंग्स लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। BMC से आग्रह किया गया है कि दक्षिण मुंबई में लगाए गए इन डिजिटल बिलबोर्ड्स पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

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राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत
कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन की सदस्य सुलक्षणा चौगुले ने कहा, “हमने BMC से गुहार लगाई है कि इस अवैध होर्डिंग के बीच कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यहां ज्यादातर अमीर लोग रहते हैं, जिनका ध्यान आकर्षित करने के लिए ये डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत से इन अवैध होर्डिंग्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।”

उन्होंने घाटकोपर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि BMC को इससे सबक लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।

अवैध होर्डिंग्स हटाने का अभियान
BMC के अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई को अवैध बिलबोर्ड्स और बैनर से मुक्त रखने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अवैध होर्डिंग्स की शिकायतें मिली हैं और वे इस पर उचित कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।

बैनर्स ज्यादातर अवैध होते हैं और इनके लिए BMC से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली जाती। जोइंडिया की खबर
जोइंडिया के अनुसार बैनर्स ज्यादातर अवैध होते हैं और इनके लिए BMC से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली जाती।

मंत्रालय के बाहर राजनीतिक बैनर्स
दक्षिण मुंबई में मंत्रालय के आस-पास राजनीतिक बैनर्स की भरमार रहती है, क्योंकि सत्ता पक्ष के लोग अपने वरिष्ठ नेताओं को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर बैनर्स लगाते हैं। ये बैनर्स ज्यादातर अवैध होते हैं और इनके लिए BMC से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली जाती। राजनीतिक दबाव के कारण BMC के कर्मचारी इन बैनर्स को हटाने से और दोषियों पर कार्रवाई से कतराते हैं।

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