By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
      • आध्यात्म
Reading: Joindia think: देश में हर घंटे चार बलात्कार, राजनीतिक नफे-नुकसान से हटकर सोचना होगा – विश्वनाथ सचदेव
Share
Font ResizerAa
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
Search
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
Have an existing account? Sign In
Follow US

Home » Joindia think: देश में हर घंटे चार बलात्कार, राजनीतिक नफे-नुकसान से हटकर सोचना होगा – विश्वनाथ सचदेव

कोलकत्ताक्राइममुंबई

Joindia think: देश में हर घंटे चार बलात्कार, राजनीतिक नफे-नुकसान से हटकर सोचना होगा – विश्वनाथ सचदेव

Deepak dubey
Last updated: August 21, 2024 1:38 pm
Deepak dubey
Published: August 20, 2024
Share
kolkata doctor rape murder case 1 1
SHARE

Jo india think: कोलकाता के एक अस्पताल में हुए जघन्य कांड ( kolkata doctor rape and murder case) की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है। पश्चिम बंगाल (west bengal kolkata rape case) की पुलिस को अक्षम ठहराकर मामला सीबीआई (CBI CRIME
Advertisement
) को सौंप दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। उधर देश भर के डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। वे सुरक्षा की गारंटी मांग रहे हैं। इस मांग के औचित्य पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए, लेकिन जिस तरह सारे मामले को राजनीति का हथियार बनाया जा रहा है उसे देखते हुए न्याय की मांग करने वालों की नीयत पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। निस्संदेह मामला बहुत गंभीर है और बलात्कार का यह मुद्दा कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की अक्षमता को भी उजागर करने वाला है। उम्मीद ही की जा सकती है कि अपराधी शीघ्र ही पकड़ा जाएगा / पकड़े जाएंगे और मरीजों को अस्पतालों में समुचित चिकित्सा मिलेगी, डॉक्टर को बिना डरे अपना काम करने का माहौल मिलेगा। मरीजों और डॉक्टरों के प्रति हमारी व्यवस्था को कम से कम इतना तो करना ही चाहिए। senior journalist vishwanath sachdev article on kolkata case. Jo india think

इस मामले में न्याय मांगने वाले अपराधी/ अपराधियों को कड़े से कड़ा दंड, फांसी, दिये जाने की मांग कर रहे हैं। निश्चित रूप से अपराधी को ऐसा दंड मिलना ही चाहिए जो शेष समाज को यह चेतावनी देने वाला हो कि किसी भी सभ्य समाज में ऐसी नृशंसता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। लेकिन यहां इस बात को भी स्वीकार किया जाना चाहिए की कड़ी से कड़ी सजा का एक परिणाम यह भी निकल रहा है कि अपराधी सबूत को मिटाने के चक्कर में बलात्कार– के बाद हत्या का मार्ग अपना रहे हैं। दिल्ली की ‘निर्भया’ से लेकर कोलकाता की ‘निर्भया’ तक की यह श्रृंखला यही बता रही है कि मनुष्यता के खिलाफ किए जाने वाले इस अपराध– बलात्कार के दोषी सिर्फ कड़े कानूनों से नहीं डर रहे। जिस दिन कोलकाता के एक अस्पताल में यह जघन्य कांड हुआ, उसके बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे देश के अन्य हिस्सों में भी बलात्कार-हत्या की घटनाएं सामने आने लगीं। यह स्थिति निश्चित रूप से भयावह है। स्पष्ट दिख रहा है कि अपराधियों में कानून-व्यवस्था का डर नहीं रहा, कहीं न कहीं उन्हें लग रहा है कि कानून उनकी मनमानी को रोकने में सक्षम नहीं है। स्थिति की गंभीरता और भयावहता को कुछ आंकड़े उजागर कर सकते हैं।

Maharashtra horror: बदलापुर में बच्चियों के साथ दुष्कर्म से गुस्साई लाडली बहनें, डेढ़ हजार नहीं, न्याय दो, सरकार के खिलाफ़ आक्रोश, रेल रोक किया चक्का जाम, महिलाओं का आंदोलन

नेशनल क्राईम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) (national crime record bureau) की गणना के अनुसार हमारे देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में बलात्कार चौथा सबसे गंभीर अपराध है। प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2021 में देश में बलात्कार के इक्कतीस हजार छह सौ सत्ततर (31,677) मामले दर्ज हुए थे, अर्थात रोज 86 मामले यानी हर घंटे चार। ज्ञातव्य है कि इसके पहले के दो वर्षों में यह संख्या कम थी– सन 2020 में 28,046 मामले और सन 2019 में 32,033 मामले। यह आंकड़े तो उन अपराधों के हैं जो थानों में दर्ज हुए। हकीकत यह है कि आज हमारे देश में कम से कम इतने ही मामले थानों में दर्ज नहीं होते! यह मानकर कि अपराधियों को सज़ा नहीं मिलेगी, पीड़ित पक्ष ‘पुलिस के चक्कर’ में पड़ते ही नहीं। साथ ही बलात्कार की शिकार महिलाएं और उनके परिवार वाले समाज के ‘डर’ से भी पुलिस के पास जाने में हिचकिचाते हैं। बलात्कार स्त्री पर किया गया जघन्य अपराध है, लेकिन हमारे यहां बलात्कार की शिकार महिलाओं को ही संदेह और नीची दृष्टि से देखा जाता है! आज मुख्य सवाल इस दृष्टि के बदलने का है। और यह काम सिर्फ कड़े कानून से नहीं होगा। बलात्कार करने वाले को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले, यह सब चाहते हैं, लेकिन यह बात कोई नहीं समझना चाहता कि आवश्यकता उस दृष्टि को बदलने की है जो महिला को एक वस्तु मात्र समझती है। अपराधी यह दृष्टि भी है। सज़ा इसे भी मिलनी चाहिए– इस दृष्टि को बदलने की ईमानदार कोशिश होनी चाहिए।

आज जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। कई क्षेत्रों में तो पुरुषों से कहीं आगे हैं वे। इसके बावजूद उन्हें कमजोर समझा-कहा जाता है। यह उसी सोच का परिणाम है जो अबला जीवन को ‘आंचल में दूध और पलकों में पानी’ से आगे नहीं देखना चाहता। इस सोच को बदलने की जरूरत है। नारी को पुरुष के सहारे की नहीं, बराबरी के सहयोग की आवश्यकता है और पुरुष को यह समझना होगा कि वह भी नारी के सहयोग के बिना अधूरा है। जितनी आवश्यकता नारी को पुरुष की है, उतनी ही आवश्यकता पुरुष को भी नारी की है। यह काम कानून को कड़ा बनाने से नहीं, समाज के सोच को बदलने से होगा। हम देख रहे हैं कि इस संदर्भ में कानून को कड़ा बनाना अपराध और अधिक जघन्य बना रहा है, उम्मीद करनी चाहिए कि कानून अपना काम करेगा और समाज का सोच भी बदलेगा। इस दिशा में बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है। लेकिन,आज आवश्यकता उस सोच को भी बदलने की है जो हमारे राजनेताओं को हर स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने का लालच देता है। यह सही है कि बलात्कार का यह वीभत्स कांड कोलकाता का है और पश्चिम बंगाल की सरकार का दायित्व है कि वह इस दिशा में ठोस कार्रवाई करे। लेकिन बलात्कार की समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है।

Badlapur school case: बदलापुर की घटना के बाद जागे जिलाधिकारी;स्कूलों में सखी सावित्री समिति है या नहीं, इसकी जांच का दिया आदेश

कोलकाता में तो बलात्कार के सबसे कम मामले दर्ज होते हैं। इस संदर्भ में राजस्थान का नाम सबसे पहले आता है। इसके बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। ताज़ा उदाहरण यह भी बताता है कि कोलकाता के इस कांड के दूसरे-तीसरे दिन ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही घटनाएं घटीं। इस बारे में हमारे राजनीतिक दलों में जिस तरह का रवैया अपनाया है उसे किसी भी दृष्टि से उचित नहीं उठाया जा सकता। इन दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए वहां जो हुआ उसके बारे में बीजेपी वाले चुप हैं। बंगाल में भाजपा का मुकाबला ममता की तृणमूल-कांग्रेस पार्टी से है इसलिए भाजपा वहां सरकार बदलने की मांग कर रही है। यह ग़लत प्रवृत्ति है। हर बात को राजनीतिक नफे-नुकसान की दृष्टि से देखकर हम आने वाले कल का विकसित भारत नहीं बना पायेंगे। यह बात हमारे राजनेताओं को समझनी होगी। तभी समाज का स्वास्थ्य सुधरेगा, तभी हमारा भारत विकसित होगा।

CBI will interrogate Sameer Wankhede’s family: समीर वानखेडे की बढ़ी मुसीबत; सीबीआई करेगी परिवार से पूछताछ 

बलात्कार के किसी कांड को राजनीति का हथियार बनाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। बलात्कार और बलात्कारियों को किसी भी दृष्टि से छूट नहीं दी जा सकती, लेकिन इस बात को भी नहीं भुलाया जाना चाहिए कि ऐसा अपराध करने वाला ही नहीं, ऐसे अपराध को सहने वाला समाज भी दोषी होता है।

MUMBAI: आईआईटी बॉम्बे में 18 वर्षीय छात्र ने हॉस्टल से कूदकर दी जान
Shivsena’s agitation against bus fare hike: शिवसेना ने एसटी बस किराया वृद्धि के खिलाफ किया आंदोलन, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन
BJ Medical College ragging case: पुणे: बी.जे. मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला तूल पकड़ा, तीन डॉक्टर निलंबित, एचओडी और डिप्टी डीन पद से हटाए गए
Orchid International School Seawood: एक हजार फीस के लिए पांच वर्षीय बच्चे को को निजी स्कूल ने बनाया बंधक, पिता ने दर्ज कराई शिकायत
Rani Mukerji wins first National Award:30 साल के फिल्मी करियर में पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर भावुक हुईं रानी मुखर्जी, ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ को बताया मातृत्व की शक्ति का प्रतीक
TAGGED:#CBI#NCBcrimejo India thinkjoindiJoindia thinkkolkata doctor rape and murder casekolkata newsMaharashtra newsmumbai newsNCRBVishvnath sachdevएनसीआरबीविश्वनाथ सचदेव
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Popular News
101851225
कल्याणठाणेदेश-दुनियामुंबईराजनीतिसिटी

Somaiya in trouble Mumbai Crime Branch:सोमैया संकट में….. मुंबई क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच, पूर्व सांसद की सुरक्षा हटाकर कार्रवाई की मांग, सेक्सटॉर्शनिस्ट सोमैया का गेम ओवर! राज्यभर में आक्रोश

Deepak dubey
Deepak dubey
July 19, 2023
AMERICA : छह साल के बच्चे ने क्लास में की फायरिंग, अभिभावकों और शिक्षकों में बढ़ा  तनाव 
Aapla Davakhana Tender Issue: ठाणे में शिंदे की “आपला दवाखाना” योजना पर मनपा ने ठोका ताला! गरीब मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, स्वास्थ्य व्यवस्था रामभरोसे
Onion prices drop in Apmc market: प्याज की कीमतों में गिरावट, एपीएमसी में आवक अधिक और मांग कम होने से कीमतों पर दिखा असर
Shivsena UBT: सिर पर अपात्रता की लटकती तलवार! अनिल देसाई ने की जोरदार टिप्पणी, विधानसभा अध्यक्ष के सामने सुनवाई में शिंदे गुट हताशा
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • फिल्मी दुनिया
  • खेल
  • वेब स्टोरी

ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार - Joindia News

Joindia में आपका स्वागत है। यह आपका विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो देश-दुनिया की ताज़ा और सटीक ख़बरें आप तक पहुँचाता है। हम उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत सभी प्रमुख राज्यों की लोकल हरकतों को खास अंदाज में कवर करते हैं। साथ ही, राशिफल, मनोरंजन और वायरल वीडियो से आपको हर पल जोड़े रखते हैं।

Subscribe US

Joindia की ताज़ा ख़बरें अब आपके मेल में भी! हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें और हर पल बने रहें अपडेट।

@2022-25 - joindia.co.in. All Right Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?