आगामी महानगरपालिका चुनाव से पहले प्रदेश में बीजेपी में जबरदस्त अंदरूनी कलह सामने आ गई है। भाजपा में बड़ा सवाल लगा है कि चुनावी गणित के नाम पर पार्टी अपनी जड़ों से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। दुआरे दलों से ऐरे गैरे नेताओं को प्रवेश देकर भाजपा की छवि मलिन की जा रही है। कई जगह पर बड़े नेताओं के बीच इस प्रवेश को लेकर विवाद दिख रहा है। कार्यकर्ता प्रवेश देने वाले नेताओं का जमकर विरोध कर रहे हैं। ऐसा ताजा स्थिति नासिक में देखने को मिली है। अन्य दलों से पूर्व विधायक, पूर्व महापौर समेत पांच बड़े नेताओं के भाजपा प्रवेश ने स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। हालात ऐसे बने कि पार्टी के ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने मंत्री गिरीश महाजन का बीजेपी कार्यालय के बाहर घेराव कर लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने बीजेपी के अनुशासन और एकजुटता के दावे की पोल खोल दी है। जिन नेताओं को कल तक विरोधी दलों का चेहरा माना जा रहा था, आज उन्हीं की एंट्री पर लाल कालीन बिछा दिया गया, जबकि वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
फरांदे की अनुपस्थिति और भावुक प्रतिक्रिया
बीजेपी विधायक देवयानी फरांदे ने इस पार्टी प्रवेश कार्यक्रम से दूरी बनाकर अपना विरोध जता दिया। जब उन्होंने मीडिया से बात की, तो वे भले ही कहती रहीं कि मैं नाराज नहीं हूं यह कहना अजीब लगता है, लेकिन उनकी आंखों में छलकते आंसू बहुत कुछ कह गए।फरांदे ने साफ शब्दों में कहा कि आगामी महापालिका चुनाव के लिए उनका पैनल पहले से तैयार था, ऐसे में अचानक बाहरी नेताओं की एंट्री से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटना स्वाभाविक है।
गिरीश महाजन का दावा, कार्यकर्ताओं में अविश्वास
मंत्री गिरीश महाजन ने पार्टी प्रवेश का बचाव करते हुए दावा किया कि यह सभी नेता बीजेपी के नेतृत्व और विचारधारा पर भरोसा जताकर मुख्यधारा में आए हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अब बाहर कोई नहीं बचा और 100 से अधिक नगरसेवक बीजेपी के चुने जाएंगे। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आई, जब निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उन्हीं के खिलाफ नारेबाजी कर डाली। देवयानी फरांदे का यह बयान कि अगर सब नेता ही बनेंगे तो कार्यकर्ता कौन रहेगा, बीजेपी के भीतर सुलग रहे असंतोष की गंभीर चेतावनी है। नाशिक की इस घटना ने साफ कर दिया है कि बीजेपी में “गद्दारों” की एंट्री को लेकर विरोध के सुर अब खुलकर सामने आने लगे हैं।



