जो इंडिया / मुंबई: (Actress Kamini Kaushal Death)
भारतीय सिनेमा की सुप्रसिद्ध और वरिष्ठतम अभिनेत्रियों में शुमार कामिनी कौशल (Kamini Kaushal) का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हिंदी फिल्मों के स्वर्णिम दौर की इस चमकती हुई सितारा कलाकार के निधन से फिल्म उद्योग और उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है। छह दशकों से अधिक लंबे करियर में कामिनी कौशल ने अपनी सादगी, सहज अभिनय शैली और अद्भुत भाव-प्रकटीकरण के साथ भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी। उनके जाने को उद्योग के दिग्गज उस युग के अंत के रूप में देख रहे हैं, जब कहानियाँ सरल होती थीं और कलाकार अपनी प्रतिभा से पर्दे पर जादू रचते थे।
परिवार ने की निधन की पुष्टि
अभिनेत्री के परिवार ने आधिकारिक तौर पर उनके निधन की पुष्टि की है। परिवार ने सभी से इस कठिन समय में निजता बनाए रखने की अपील की है। कामिनी कौशल अपने निजी जीवन में भी बेहद सरल और गरिमामयी रहीं। उनकी विनम्रता, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों की मिसाल सबके लिए प्रेरणादायक रही।
करीब 90 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुकीं कामिनी कौशल उन दुर्लभ अभिनेत्रियों में से थीं, जिन्होंने हर किरदार को जीकर निभाया और हर भूमिका में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी।
सिनेमा को दिया अनमोल योगदान
कामिनी कौशल ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत वर्ष 1946 की प्रसिद्ध फिल्म ‘नीचा नगर’ से की थी, जिसे कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस फिल्म ने न सिर्फ उनके करियर को दिशा दी, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी दिलाई।
इसके बाद उन्होंने ‘शहीद’, ‘आरजू’, ‘नदिया के पार’, ‘शबनम’, ‘बिरज बहू’ सहित कई कालजयी और सफल फिल्मों में अभिनय किया। वे उस पीढ़ी की कलाकार थीं जो अभिनय को एक साधना और समर्पण का रूप मानती थीं।
आधुनिक दौर में भी बनाए रखा प्रभाव
उम्र के अंतिम पड़ाव तक भी कामिनी कौशल सक्रिय रहीं। उन्होंने 2022 की आमिर खान और करीना कपूर स्टारर फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले वे सुपरहिट फिल्म ‘कबीर सिंह’ में शाहिद कपूर की दादी के रूप में नजर आईं, जहाँ उनकी भूमिका ने नई पीढ़ी में भी लोकप्रियता बढ़ाई।
सिनेमा ने खोया एक उज्ज्वल अध्याय
कामिनी कौशल के निधन के साथ भारतीय सिनेमा का एक सुहाना और अतुलनीय अध्याय समाप्त हो गया है। उनकी सरलता, सहज अभिनय और गरिमापूर्ण व्यक्तित्व हमेशा याद किए जाएंगे। फिल्म उद्योग आज एक ऐसे कलाकार को विदाई दे रहा है, जिसने भारतीय फिल्मों के इतिहास में अपनी अनूठी पहचान सदैव के लिए दर्ज कर दी।



