नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका की महापौर सुजाता पाटील के प्रस्तावित अमेरिका अध्ययन दौरे को लेकर महानगरपालिका की राजनीति में विवाद शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महापौर के साथ कुछ नगरसेवकों और अधिकारियों के अमेरिका दौरे पर जाने की योजना है और इस यात्रा पर करीब 28 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। इसी खर्च को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाते हुए दौरे का उद्देश्य, प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों की संख्या और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
विपक्ष का कहना है कि जब यात्रा पर सार्वजनिक धन खर्च किया जाना है, तब नागरिकों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि अमेरिका में किन योजनाओं या शहरी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा और उससे नवी मुंबई को क्या प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, दौरे से संबंधित खर्च की मंजूरी वाली फाइल और यात्रा के उद्देश्य को लेकर भी विपक्ष ने पारदर्शिता की मांग उठाई है।
28 लाख के खर्च ने बढ़ाई चर्चा
अमेरिका दौरे के लिए बताए जा रहे करीब 28 लाख रुपये के खर्च को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि महानगरपालिका के पैसों से होने वाली विदेश यात्रा के खर्च का विस्तृत ब्यौरा सामने आना चाहिए। शिवसेना के नगरसेवक किशोर पाटकर सहित विपक्षी नेताओं ने इस दौरे पर आपत्ति जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विपक्षी नेताओं ने यह मांग भी उठाई है कि यदि संबंधित पदाधिकारी और अधिकारी इस यात्रा को जरूरी मानते हैं तो खर्च स्वयं वहन करें या राशि सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए दी जाए। यह विपक्ष की मांग है; दौरे की उपयोगिता और खर्च की अंतिम स्थिति मनपा के आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।
दौरे का उद्देश्य सार्वजनिक करने की मांग
विपक्ष की ओर से मुख्य सवाल यह है कि अमेरिका में किस विषय का अध्ययन किया जाना है? प्रतिनिधिमंडल में कितने लोग शामिल होंगे? यात्रा पर 28 लाख रुपये का खर्च किन-किन मदों में किया जाएगा? और दौरे से लौटने के बाद नवी मुंबई में कौन-सी नई व्यवस्था या परियोजना लागू की जाएगी?
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रस्तावित अध्ययन दौरे का महानगरपालिका के लिए अपेक्षित लाभ क्या है।
महापौर के जवाब का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महापौर सुजाता पाटील उस समय शहर से बाहर थीं। उनके निजी सहायक ने बताया कि वह कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर हैं और मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। वहीं, मनपा के हाउस लीडर सागर नाईक की ओर से भी तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
अब इस पूरे मामले में महापौर और नवी मुंबई महानगरपालिका प्रशासन की आधिकारिक भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दौरे की मंजूरी, प्रतिनिधिमंडल, खर्च और अध्ययन के उद्देश्य से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होने के बाद विवाद के विभिन्न पहलुओं पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
राजनीतिक बहस के बीच पारदर्शिता का मुद्दा
प्रस्तावित अमेरिका दौरे ने एक बार फिर महानगरपालिका के सार्वजनिक खर्च और प्रशासनिक विदेश दौरों को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्ष जहां खर्च और उद्देश्य पर सवाल उठा रहा है, वहीं इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यात्रा किस प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित की गई है और इससे नवी मुंबई को क्या अपेक्षित लाभ बताया गया है।
फिलहाल 28 लाख रुपये के प्रस्तावित खर्च को लेकर नवी मुंबई महानगरपालिका में राजनीतिक चर्चा तेज है और विपक्ष ने पूरे मामले का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।



