Joindia
कल्याणठाणेदेश-दुनियानवीमुंबईमुंबईसिटी

CIDCO: सिडको के खिलाफ झोपड़ा धारको का धरना प्रदर्शन

IMG 20230524 WA0007

नवी मुंबई । मानसून(monsoon) आने से पहले खुले भूखंड पर बने झोपडो के खिलाफ सिडको(Cisco) कार्रवाई कर रहा है। इसलिए मानवता की दृष्टि से इस कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर घर हक संघर्ष समिति के साथ-साथ रिपब्लिकन पार्टी ने सोमवार से सिडको मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है । रिपब्लिकन सेना के नवी मुंबई जिला अध्यक्ष खाजामिया पटेल ने आरोप लगाया है कि सिडको के अधिकारी मानसून की आड़ में गरीब झोपड़ाधारको की झोपड़ियों को नष्ट कर रहे हैं, इसलिए झोपड़ा वासियो के साथ अन्याय हो रहा है ।

Advertisement

नवी मुंबई के सिडको अधिकारियों द्वारा मानसून से पहले 2011 के पहले से वहां रह रहे गरीब के दस्तावेजों की जांच किए बिना उनकी झोंपड़ों को हटाने साजिश रची है।भूमाफिया अवैध रूप से सिडको की खुली जमीन पर पांच से छह मंजिला इमारत बना रहे हैं और उस माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। झोंपड़ों में रहने वाले लोगों की जमीन भूमाफिया को देने का काम सिडको प्रशासन कर रहा है और नवी मुंबई पुलिस इसमें सहयोग कर रही है। बताया गया है कि सिडको अधिकारी के बजाय पुलिस प्रशासन गरीबों को पीट रहा है और उनकी झोपड़ियों को तोड़ रहा है। शनिवार को सिडको प्रशासन की छुट्टी होने के बावजूद एपीएमसी पुलिस स्टेशन की टीम झोपड़पट्टी में जाकर 50 से 60 महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों को लेकर झोपड़ पट्टी में स्पीकर के माध्यम से निर्देश दिया कि यदि मंगलवार तक झोपड़ियों को नहीं हटाया गया तो आपके झोपड़ियां तोड़ी जाएंगी | इसके लिए न्याय की मांग को लेकर रिपब्लिकन सेना के नवी मुंबई जिलाध्यक्ष खजामिया पटेल ने झोपड़ धारको के लिए न्याय की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है |

Modi govt. 2.0 budget: चुनाव पर नजर, बजट पर दिखा असर, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

Related posts

महाराष्ट्र को झटका, सेमीकंडकटर परियोजना ले गया गुजरात, डेढ लाख करोड़ की वेदान्ता फॉक्सकॉन की थी परियोजना

Deepak dubey

Kunal Kamra on Eknath Shinde: रिक्शा वाले दाढ़ी पर कुणाल कामरा की कविता से मचा राजनीतिक बवाल, कई जगह तोड़फोड़, जूते मार आंदोलन, एफआईआर दर्ज

Deepak dubey

क्या सुप्रीम कोर्ट बचाएगा आज़ादी, लोकतंत्र और संविधान? सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे गरजे

Deepak dubey

Leave a Comment