जो इंडिया / मुंबई। (MMRDA Vikhroli Bridge Tender Cancelled)
विक्रोली में बनने वाले 90 करोड़ रुपये के फुटओवर ब्रिज को लेकर उठे विवाद के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरी टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी है। शिवसेना विधायक एडवोकेट अनिल परब द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे परियोजना में गड़बड़ी के दावों को बल मिला है।
अनिल परब ने आरोप लगाया था कि इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया में भारी धांधली, कार्टेलाइजेशन और टेंडर रिगिंग की गई। उनका कहना था कि विक्रोली फुटओवर ब्रिज का टेंडर करीब दो महीने तक खोला ही नहीं गया, जबकि शुरुआत में आठ कंपनियों ने बोली लगाई थी। बाद में छह कंपनियों ने नाम वापस ले लिया और सिर्फ दो कंपनियां बचीं। इससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की आशंका जताई गई थी।
मामले के सामने आने के बाद एमएमआरडीए ने एक सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद प्राधिकरण ने पूरी निविदा प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया। साथ ही टेंडर प्रक्रिया से पीछे हटने वाले बोलीदाताओं की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जब्त करने का फैसला भी लिया गया है।
अनिल परब ने एमएमआरडीए के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि केवल टेंडर रद्द करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
इस फैसले के बाद मुंबई की सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत बताया है, जबकि एमएमआरडीए की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।



