जोइंडिया टीम/ मुंबई: कोलाबा (Colaba) के एक कारोबारी को अंतरराष्ट्रीय साइबर (international cyber) ठगों ने एक बेहद सुनियोजित और खतरनाक ठगी का शिकार बना लिया। JoIndia exclusive team के अनुसार ठगों ने खुद को यूएई (दुबई) पुलिस अधिकारी बताकर कारोबारी को डराया-धमकाया और उसके HSBC बैंक खातों से 50 लाख रुपए से अधिक की रकम निकाल ली। यह ठगी 8 नवंबर 2025 को हुई, जब पीड़ित कारोबारी नितिन कृष्णराव नांदेकर (Nitin Nandekar brother of Padmakar Nandekar CRA vice president
HSBC खातों को बनाया गया निशाना
ठग ने वीडियो कॉल के दौरान पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि उसे अवैध रूप से “गोल्डन वीज़ा” मिला है और उसके भारतीय बैंक खातों की जांच की जा रही है। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसे नांदेकर के HSBC एनआरई और एनआरओ खातों की पूरी जानकारी है। पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए ठग ने व्हाट्सएप पर दुबई पुलिस का फर्जी पहचान पत्र (ID card) भेजा। यह आईडी इतनी पेशेवर तरीके से बनाई गई थी कि नांदेकर को कॉलर के असली अधिकारी होने का यकीन हो गया।
डिजिटल अरेस्ट किया, OTP बताते ही खाता साफ
ठग ने नांदेकर को धमकाया कि अगर वह सहयोग नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई होगी। उन्हें कथित जांच के नाम पर कमरे में ही रहने और किसी से संपर्क न करने को कहा गया। “वेरिफिकेशन” के बहाने ठग ने पीड़ित से वन-टाइम पासवर्ड (OTP) मांगे। ये OTP उनके HSBC सेविंग अकाउंट और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड से जुड़े थे। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने OTP साझा कर दिए, जिसके तुरंत बाद खातों से पैसे निकलने लगे। कुछ ही मिनटों में ₹27,36,123.94 की राशि पीड़ित के खातों से निकाल ली गई। यह रकम एनआरई, एनआरओ खातों और क्रेडिट कार्ड से निकालकर भारत के ही अज्ञात और ट्रेस न हो सकने वाले खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
साइबर पुलिस में FIR दर्ज, IT एक्ट की धाराएं लागू
घटना के बाद जब नांदेकर ने एक दोस्त से चर्चा की, तब उन्हें समझ आया कि यह एक पुलिस प्रतिरूपण (Impersonation) साइबर ठगी है। जब उन्होंने दोबारा कॉल करने की कोशिश की तो फोन नंबर और ई-मेल तुरंत बंद पाए गए। पीड़ित की ओर से उनके भाई पद्माकर कृष्णराव नांदेकर ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध शामिल हैं।
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अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का बढ़ता चलन – sproud news
सरकारी नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। Acknowledgment Numbers: 21911250125523, 21911250125565. साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की अंतरराष्ट्रीय पुलिस बनकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वीडियो कॉल और नकली आईडी के इस्तेमाल से ठग लोगों के डर का फायदा उठा रहे हैं।
HSBC बैंक को दी गई सूचना, जांच जारी
पीड़ित ने HSBC बैंक को तुरंत ठगी की जानकारी दी है। बैंक की आंतरिक सुरक्षा टीम लेन-देन की जांच कर रही है। रकम की रिकवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि खातों को कितनी जल्दी फ्रीज किया गया। मुंबई साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह भारत के बाहर से संचालित हो रहा है। यूएई प्रशासन से अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया जा सकता है।
पुलिस की जनता के लिए चेतावनी
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पुलिस अधिकारी कभी OTP नहीं मांगता, जांच फोन या वीडियो कॉल पर नहीं होती, किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत स्थानीय पुलिस से पुष्टि करें। यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक नुकसान भी पहुंचाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय रैकेट में कंबोडिया वियतनाम सेंटर
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत में म्यूल अकाउंट्स और फर्जी सिम कार्ड जुटाता है, जबकि कॉल सेंटर कंबोडिया और वियतनाम जैसे देशों से संचालित किए जाते हैं। कई भारतीयों को नौकरी के नाम पर विदेश ले जाकर जबरन ठगी कॉल करवाने की भी जानकारी सामने आई है।
डॉ. पद्माकर नांदेकर ने साइबर जागरूकता अभियान किया शुरू
कफ परेड पुलिस स्टेशन ने कफ परेड रेसिडेंट्स एसोसिएशन (CPRA) के साथ मिलकर साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है।इस अभियान में डॉ. पद्माकर नांदेकर (उपाध्यक्ष, CPRA) ने पूर्ण सहयोग देने की घोषणा की है। डॉ. पद्माकर नांदेकरने कहा कि मेरे कॉल नम्बर 9702999999पर मुझसे कोई भी फोन कर मदद ले सकता है। और जरूरत के अनुसार ईमेल भी pnandekar@gmail.com पर कर सकता है।
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