जो इंडिया / नई दिल्ली। (USA Visa Rules for Indians)
अमेरिका में नौकरी करने और बेहतर भविष्य बनाने का सपना देखने वाले लाखों भारतीय युवाओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसे ‘एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ नाम दिया गया है। इस प्रस्तावित कानून में एच-1बी वीजा प्रणाली में बड़े बदलाव करने की बात कही गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों और कुशल कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो अगले तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर रोक लग सकती है। इससे अमेरिका में नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठे लाखों युवाओं के सपनों को बड़ा झटका लग सकता है। भारत से हर साल बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ और पेशेवर एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिका जाते हैं, लेकिन नए नियमों से यह रास्ता बेहद कठिन हो सकता है।
वीजा सीमा में बड़ी कटौती का प्रस्ताव
प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, एच-1बी वीजा की वार्षिक सीमा को मौजूदा 65,000 से घटाकर 25,000 करने का सुझाव दिया गया है। यानी हर साल हजारों कम वीजा जारी किए जाएंगे। इसके अलावा अब तक लागू लॉटरी प्रणाली को खत्म कर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है। इसका मतलब यह होगा कि ज्यादा वेतन पाने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि सामान्य स्तर की नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों के मौके घट जाएंगे।
न्यूनतम वेतन 2 लाख डॉलर करने की मांग
इस विधेयक में एच-1बी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 2 लाख डॉलर प्रतिवर्ष तय करने का सुझाव दिया गया है। इससे छोटी और मध्यम कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कई कंपनियां पीछे हट सकती हैं।
कंपनियों पर भी सख्त शर्तें
नए प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उन्हें उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी नागरिक नहीं मिला। साथ ही यह भी दिखाना होगा कि हाल ही में किसी स्थानीय कर्मचारी की छंटनी नहीं की गई है। इन शर्तों के चलते विदेशी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
परिवार और ग्रीन कार्ड पर भी असर
विधेयक में यह भी कहा गया है कि एच-1बी वीजा धारक एक से अधिक नौकरी नहीं कर सकेंगे। थर्ड-पार्टी स्टाफिंग कंपनियों के जरिए नियुक्ति पर भी रोक लग सकती है। इसके अलावा परिवार को साथ ले जाने के नियम सख्त किए जा सकते हैं और ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा कठिन बनाई जा सकती है।
भारतीय युवाओं में बढ़ी बेचैनी
अमेरिका में काम करने की चाह रखने वाले भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के बीच इस खबर से चिंता का माहौल है। आईटी सेक्टर, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और रिसर्च क्षेत्र में काम करने वालों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है, तो अमेरिका में करियर बनाने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अवसर काफी सीमित हो जाएंगे।



