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फर्जी फूड इंस्पेक्टर को मुंबई पुलिस ने धर दबोचा , सावधानी बरतें और बिना पहचान पत्र अधिकारियों को प्रवेश ना दें व्यापारी : शंकर ठक्कर

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मुंबई । अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कोनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री शंकर ठक्कर ने बताया पिछले कई दिनों से कुछ लोग फूड इंस्पेक्टर का स्वांग रचकर खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के साथ जालसाजी कर रहे थे ऐसी खबरें आ रही थी लेकिन अब तक इन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल पा रही थी।

लेकिन झूठ ज्यादा दिन नहीं टिक पाता है इसलिए आखिरकार रविवार को थाना कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, बोरीवली पूर्व ने सेंट्रल प्रभु होटल से एक फर्जी फूड इंस्पेक्टर को धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि वह शहर के होटलों पर फूड अधिकारी बनकर पैसे वसूलता था। | इंडियन होटेल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आराम) द्वारा इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। जिसके बाद पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से फरार दूसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में एक कार को भी पुलिस द्वारा जब्त किया गया है। जिसका नंबर एमएच 09 सीवी 9079 है।

शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने फर्जी फूड इंस्पेक्टर अविनाश गायकवाड़ तथा वाहन चालक धर्मेश शिंदे को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत धारा 420, 170, 34 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की जांच की जा रही है।

शिकायतकर्ता संतोष श्रीधर शेट्टी ने बताया कि एक व्यक्ति उसके पास आकर खुद को धर्मेश शिंदे बताया। उसने कहा कि वह अन्न सुरक्षा व भारतीय मानक प्राधिकरण के अन्न सुरक्षा अधिकारी अविनाश गायकवाड़ का ड्राइवर है। शेट्टी को शिंदे ने बताया कि गायकवाड़ साहब ने मुझे तुम्हारे होटल में कुक के योग्य ड्रेस, किचन में साफ- सफाई देखने को बोला है। जिसके बाद मैं बाहर गया तो देखा अविनाश गायकवाड़ उपरोक्त वाहन संख्या वाली वाहन में बैठा था।

शिंदे ने होटल में कई कमियों की बात कर ₹25000 की मांग की। जिसके बाद होटल मालिक ने ₹5000 दिए।अधिक जानकारी निकालने पर पता चला कि एक दूसरे हिमसागर होटल बोरीवली पश्चिम से भी 4 हजार की वसूली की है। पुलिस ने जांच में 9000 रुपए की रिकवरी की है।शंकर ठक्कर ने सभी खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को सावधान करते हुए कहा कोई भी विभाग का अधिकारी यदि आता है तो उसके पास पहचान पत्र अवश्य मांगे और पहचान पत्र भी कभी-कभी फर्जी बना लेते हैं इसलिए समाधान ना होने की सूरत में संगठन कार्यालय का संपर्क करें ताकि संबंधित अधिकारी की पहचान उनके कार्यालय से प्रस्थापित की जाएगी ताकि फर्जी अधिकारी बनकर कोई भी व्यापारी के साथ ठगी ना कर सके। उन्होंने होटल मालिक को भी बधाई देते हुए कहा कि आपने एक साहस पूर्ण कार्य किया है और इससे कई और खाद पदार्थ विक्रेता जालसाजी का शिकार बनने से बचेंगे। उन्होंने बोरीवली कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का भी धन्यवाद किया है।

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