जो इंडिया / मुंबई: मुंबई BMC और राज्य के अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर विधानसभा में गूंज उठी। प्रमुख अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी बुनियादी जांच सुविधाओं के अभाव पर नाराज़गी जाहिर करते हुए विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर ने सरकार को चेतावनी दी कि मरीजों की तकलीफों के प्रति संवेदनशील रहते हुए तुरंत जरूरी मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
मुंबई के सेंट जॉर्ज, जीटी, कामा और जे.जे. अस्पतालों में राज्य भर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को महीनों से एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए भटकना पड़ रहा है। शिवसेना विधायक संजय पोतनीस ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा बिना ज़रूरत और अधिक दरों पर मशीनें खरीदी जा रही हैं, जिससे सरकारी फंड का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस गड़बड़ी की जांच की जाए और आम मरीजों के लिए सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।

अन्य अस्पतालों में भी हालात खराब
शिवसेना विधायक अजय चौधरी ने बताया कि केवल इन अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि केईएम, सायन और नायर अस्पतालों में भी एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य लैब उपकरणों की कमी है। सरकार ने महीनों पहले उपकरणों की खरीदी का आदेश दिया था, लेकिन अब तक क्रियान्वयन नहीं हुआ।
बैठकों के बाद भी हल नहीं निकला
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि उनके कार्यालय में पिछले दो महीनों में तीन बार इस मुद्दे पर बैठक हो चुकी है, लेकिन अस्पतालों को अब तक मशीनें नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ज़िला योजना समिति के माध्यम से हर ज़िले के अस्पतालों में मशीनें खरीदी जाएं और बजट में इसके लिए राशि आरक्षित रखी जाए।
वित्त मंत्री का आश्वासन
राहुल नार्वेकर के निर्देश के बाद वित्त मंत्री अजीत पवार ने सदन को आश्वस्त किया कि इन मशीनों की खरीदी के लिए आवश्यक निधि तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
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