AI and human relationships : आज दुनिया जिस रफ्तार से डिजिटल होती जा रही है, उसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
ऑफिस का काम हो, प्यार का इजहार हो या रिश्तों का टूटना, हर जगह एआई की मौजूदगी महसूस की जा रही है। लोग अपनी गुड न्यूज से लेकर बैड न्यूज तक, यहां तक कि डिप्रेशन जैसी स्थितियों में भी परिवार या दोस्तों के बजाय एआई से सलाह लेने लगे हैं और सच कहें तो उसकी मीठी-मीठी और सलीकेदार भाषा लोगों को भा भी जाती है।
सुबह उठते ही लोग एआई से देश-दुनिया की खबरें पूछते हैं, दिनभर काम के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हैं और रात में मनोरंजन के लिए भी इन्हीं तकनीकों पर निर्भर रहते हैं। चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म अब जानकारी, सलाह और संवाद का अहम जरिया बन चुके हैं। अब यह नई तकनीक लोगों की निजी जिंदगी में भी दस्तक देने लगी है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला अमेरिका से सामने आया है, जहां एक महिला ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि चैटबॉट ने उसके एक्स बॉयफ्रेंड को गलत दिशा में धकेला, जिससे उसका व्यवहार स्टॉकिंग जैसा हो गया। यह मामला अब एआई की सीमाओं और उसकी जिम्मेदारी पर नए सवाल खड़े कर रहा है।
एआई अब करवा रहा लड़ाई!
बताया जा रहा है कि दोनों का रिश्ता 2024 में खत्म हुआ था। इसके बाद युवक ने एआई मॉडल का इस्तेमाल शुरू किया। शुरुआत में वह ब्रेकअप को समझने के लिए एआई से बातचीत करने लगा, लेकिन धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदलने लगा। लगातार बातचीत के दौरान वह भ्रम की स्थिति में जाने लगा। महिला का आरोप है कि चैटबॉट ने उसकी इस मानसिक स्थिति को और भ्रमित कर दिया। यह भी कहा गया कि उसे ऐसा महसूस कराया गया कि कुछ ताकतवर लोग उस पर नजर रख रहे हैं। जब उसकी एक्स गर्लफ्रेंड ने उसे एआई का इस्तेमाल छोड़कर किसी डॉक्टर की मदद लेने की सलाह दी, तब भी उसने एआई का सहारा नहीं छोड़ा। इतना ही नहीं, कथित तौर पर चैटबॉट ने उसकी एक्स गर्लफ्रेंड को ‘मैनिपुलेटिव’ और ‘अनस्टेबल’ बताया, जिसे उसने सच मान लिया और वास्तविक जीवन में अपने व्यवहार को सही ठहराने लगा। वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है, जब एआई चैटबॉट्स पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं। इससे पहले भी कुछ घटनाओं में यह सवाल उठ चुका है कि क्या एआई अनजाने में लोगों की गलत धारणाओं को बढ़ावा दे सकता है।
मशीन के कहने पर मां को मार डाला!
दरअसल, कुछ महीने पहले ही अमेरिका में रहने वाले एक शख्स ने अपनी मां की हत्या कर खुदकुशी कर ली थी। कहा जा रहा है कि वह लंबे समय से चैटजीपीटी से बातचीत करता था। बातचीत के दौरान वह इस भ्रम में आ गया था कि उसकी मां उसे नुकसान पहुंचा रही है।
अब इन मामलों ने एआई की जवाबदेही, सुरक्षा और नैतिक सीमाओं पर गंभीर बहस छेड़ दी है, इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह नयी तकनीक हमारी जिंदगी को आसान बना रही है। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि क्या हम टेक्नोलॉजी को कंट्रोल कर रहे हैं या धीरे-धीरे वो हमारे निजी रिश्तों को कंट्रोल और हमारे फैसलों को प्रभावित करने लग गई है…?
( आर्टिकल वरिष्ठ पत्रकार उमा सिंह द्वारा लिखित )
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