शिवसेना के प्रमुख नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde)
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि यह परियोजना मुंबईकरों के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगात साबित होगी। प्रस्तावित सेंट्रल पार्क के निर्माण पर करीब 700 से 750 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। परियोजना के तहत सेंट्रल पार्क को भूमिगत मार्ग के जरिए सीधे कोस्टल रोड से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महालक्ष्मी रेसकोर्स और उसकी ऐतिहासिक विरासत को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
📍 #मुंबई |
मुंबईकर नागरिकांसाठी सर्वांत मोठे गिफ्ट ठरणाऱ्या, महालक्ष्मी रेसकोर्स आणि कोस्टल रोडची मोकळी जागा मिळून एकूण २९५ एकर जागेवर उभारण्यात येणाऱ्या जागतिक दर्जाच्या सेंट्रल पार्क प्रकल्पाचा विकास आराखडा आज सादर करण्यात आला.
हे सेंट्रल पार्क भूमिगत मार्गाने थेट कोस्टल… pic.twitter.com/xANehaX08p
— Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) December 15, 2025
जानकारी के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स की 125 एकड़ जमीन और कोस्टल रोड की 170 एकड़ जमीन को मिलाकर कुल 295 एकड़ में भव्य सेंट्रल पार्क विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पार्क के नीचे करीब 10 लाख वर्ग फुट का विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इस कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ खो-खो, कबड्डी जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि यह पूरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर्यावरण के अनुकूल होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट्रल पार्क में घूमते समय मुंबईकर घुड़दौड़ का आनंद भी ले सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्क की जमीन पर फुटपाथ के अलावा किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जाएगा और पूरा क्षेत्र हरित उद्यान के रूप में विकसित होगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सेंट्रल पार्क को 1200 मीटर लंबे भूमिगत मार्ग के जरिए कोस्टल रोड से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए 550 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। पूरे प्रोजेक्ट का डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट हाफिज कॉन्ट्रैक्टर ने तैयार किया है।
सेंट्रल पार्क की कनेक्टिविटी को लेकर मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बताया कि मेट्रो लाइन-3 पर ‘नेहरू विज्ञान केंद्र’ स्टेशन इस पार्क का सबसे नजदीकी स्टेशन होगा। इस स्टेशन को भूमिगत मार्ग के जरिए सीधे सेंट्रल पार्क से जोड़ा जाएगा। यह मार्ग अन्नी बेझंट रोड से होते हुए हाजी अली तक जाएगा और वहां पार्किंग सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह कोस्टल रोड से भी जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि कोस्टल रोड पर 1200 कारों और 100 बसों की पार्किंग की व्यवस्था होगी, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान होगा।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि इस परियोजना से करीब 300 एकड़ का ‘ऑक्सीजन पार्क’ तैयार होगा, जिससे मुंबई में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मई तक मुंबई की सभी सड़कों का कांक्रीटीकरण पूरा कर लिया जाएगा और 6 दिसंबर 2026 तक सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने जो घोषणाएं की हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
ठाणे को भी मिलेगी बड़ी सौगात
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे के विकास को लेकर भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। ठाणे खाड़ी के किनारे 50 एकड़ क्षेत्र में भारत का सबसे ऊंचा व्यूइंग टावर बनाया जाएगा, जिसकी ऊंचाई 260 मीटर होगी। उन्होंने बताया कि तुलना करें तो फ्रांस का एफिल टॉवर करीब 300 मीटर ऊंचा है।
इसके अलावा ठाणे के कासारवडवली में कन्वेंशन सेंटर, कोलशेत में 25 एकड़ में टाउन पार्क, आगरी-कोली संग्रहालय, मत्स्यालय, विज्ञान केंद्र, अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्नो पार्क, एम्यूज़मेंट पार्क और एडवेंचर पार्क विकसित किए जाएंगे। ठाणे में 12.5 एकड़ में बर्ड पार्क, 25 एकड़ में म्यूजिकल कॉन्सर्ट सेंटर और 50 एकड़ में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा।
साथ ही ठाणे महानगरपालिका द्वारा मीरा-भायंदर महानगरपालिका की सीमा से सटे संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ते हुए 18.4 किलोमीटर लंबा ‘आनंदवन’ हरित गलियारा विकसित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से ठाणे जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, ठाणेकरों का जीवन स्तर सुधरेगा और शहर के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि अधिकांश परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सभी परियोजनाएं बीओटी मॉडल पर विकसित की जाएंगी।



