राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एयर पॉल्यूशन (Delhi Pollution) एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 410 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। शहर के ज्यादातर हिस्से घने स्मॉग की चपेट में आता हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है और आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण की इस स्थिति का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ नजर रहा है। सुबह के समय सड़कों पर धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस फूलने जैसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में। देखें ANI ने पोस्ट किया हुआ वीडियो-
#WATCH दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में स्मॉग की परत छाई हुई है। वीडियो एनएच-24 गाजीपुर से है।
CPCB के दावे के मुताबिक, इलाके के आस-पास AQI 410 ‘गंभीर’ श्रेणी में है। pic.twitter.com/1KrbFGTxqh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 16, 2025
दिल्ली में वायु गुणवत्ता लंबे समय से ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार कम होने, वाहनों से निकलने वाले धुएं, निर्माण कार्यों की धूल और अन्य स्थानीय कारणों की वजह से प्रदूषण का स्तर और बिगड़ा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे स्मॉग की स्थिति बनी हुई है।
#WATCH | दिल्ली: ड्रोन वीडियो सराय काले खां इलाके के आसपास से है। शहर में धुंध छाई हुई है, राष्ट्रीय राजधानी में GRAP 4 प्रतिबंध लागू है।
(वीडियो सुबह 7:35 बजे शूट की गई है।) pic.twitter.com/KmJJtGa22G
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 16, 2025
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रदूषण के इस स्तर पर लंबे समय तक बाहर रहना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की हवा में सांस लेने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है और प्रदूषण कम करने के लिए लागू उपायों की समीक्षा की जा रही है। हालांकि, मौजूदा हालात में दिल्लीवासियों को फिलहाल जहरीली हवा से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।



