मुंबई। पुणे आइसिस मॉड्यूल(Pune Isis Module)मामले मे अब नया खुलासा हुआ है। जांच मे खुलासा हुआ है कि रेलवे में तैनात क्लर्क आइसिस के आतंकियों को फंडिंग कर रहा था पुणे आइसिस मॉड्यूल को मजबूत करने के लिए यह फंड दे रहा था। खुलासा हुआ है कि नॉर्दन रेलवे में तैनात क्लर्क ने रेलवे में कई फर्जी मेडिकल बिल जमा किए, जिसके जरिए उसने पैसा जमा किया और आतंकियों को फंडिंग की। अब इस का खुलासा होते ही एनआईए क्लर्क के तलाश मे जुट गई है।
राजस्थान से फरार होने के बाद कुछ आतंकी पुणे शहर में आइसिस मॉड्यूल को सक्रिय करने का काम कर रहे थे 18 जुलाई को पुणे पुलिस ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी को पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में पकड़ा था आइसिस मॉड्यूल के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिलने के बाद जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। एनआईएन ने इस मामले में पंद्रह से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है ठाणे, मुंबई और पुणे शहरों के आतंकी है। इन गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी मिली है जांच से पता चला है कि उत्तर रेलवे के एक क्लर्क ने आतंकियों को रेलवे का पैसा दिया था अब एनआईए उस रेलवे क्लर्क की तलाश कर रही है।
टेरर मॉड्यूल का सरगना है साकिब
आइसिस के इस मॉड्यूल का सरगना 63 साल का साकिब नचान है, जिसके अलग-अलग टेरर मॉड्यूल में शामिल होने के चलते दो बार सजा भी हो चुकी है सूत्रों के मुताबिक इस टेरर मॉड्यूल के निशाने पर बड़े वीआईपी, हिन्दू नेता और धार्मिक स्थल थे।
