जो इंडिया / नई दिल्ली: (Donald Trump)
वैश्विक राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump
दरअसल, अमेरिकी रेडियो होस्ट Michael Savage द्वारा लिखे गए एक पत्र में “बर्थराइट सिटिजनशिप” यानी जन्म के आधार पर नागरिकता देने की नीति की आलोचना की गई थी। इस पत्र में दावा किया गया कि भारत और चीन जैसे देशों से लोग अमेरिका आकर अपने बच्चों को जन्म दिलाते हैं, जिससे उन्हें स्वतः नागरिकता मिल जाती है और बाद में पूरा परिवार अमेरिका में बस जाता है। इस संदर्भ में इन देशों को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिसे कई लोगों ने नस्लीय और भेदभावपूर्ण बताया है।
“लैपटॉप वाले गैंगस्टर” टिप्पणी से बढ़ा विवाद
माइकल सेवेज ने अपने बयान में प्रवासियों के लिए “लैपटॉप वाले गैंगस्टर” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए यह आरोप लगाया कि विदेशी पेशेवर अमेरिकी सिस्टम का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाई-टेक सेक्टर में स्थानीय नागरिकों के अवसर कम हो रहे हैं और विदेशी कामगारों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। इस बयान ने खासकर भारतीय आईटी पेशेवरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि अमेरिका के टेक सेक्टर में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं।
14वें संशोधन पर फिर उठा सवाल
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब Donald Trump पहले ही अमेरिकी संविधान के 14th Amendment to the United States Constitution को लेकर सवाल उठा चुके हैं। इस संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को नागरिकता का अधिकार मिलता है। ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि दुनिया में केवल अमेरिका ही यह सुविधा देता है, जबकि हकीकत में Canada, Mexico और Brazil जैसे कई देश भी जन्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करते हैं।
भारत-चीन के संदर्भ में बढ़ सकती है नाराज़गी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी से न केवल अमेरिका की घरेलू राजनीति में ध्रुवीकरण बढ़ता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है। India और China जैसे बड़े और प्रभावशाली देशों के संदर्भ में इस तरह की टिप्पणी कूटनीतिक स्तर पर असंतोष पैदा कर सकती है। हालांकि अभी तक इन देशों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
अमेरिका में चुनावी माहौल और सख्त होती भाषा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में आगामी चुनावों को देखते हुए इमिग्रेशन और नागरिकता जैसे मुद्दे फिर से केंद्र में आ गए हैं। Donald Trump लंबे समय से सख्त इमिग्रेशन नीतियों के समर्थक रहे हैं और उनके बयानों में अक्सर यह रुख झलकता है। हालांकि, इस तरह की टिप्पणियां अमेरिका की वैश्विक छवि और उसके सहयोगी देशों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।



