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World Prematurity Day: खारघर के मेडिकवर हॉस्पिटल में विश्व प्रीमैच्योर डे उत्साह के साथ मनाया गया

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जागरूकता सत्र, मनोरंजक खेल, डॉक्टर्स से सीधी बातचीत जैसे कार्यक्रमों का आयोजन

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जो इंडिया / नवी मुंबई। (World Prematurity Day) 

विश्व मुदतपूर्व प्रसूति (प्रीमैच्योर) दिवस

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World Prematurity Day

के अवसर पर नवी मुंबई स्थित मेडिकवर हॉस्पिटल्स ने “द टाइनी मिरेकल्स” नामक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उन नन्हे योद्धाओं का सम्मान किया, जो निर्धारित समय से पहले जन्म लेकर भी जीवन की लड़ाई जीतकर मजबूत बने हैं। खारघर के ब्लू प्लैनेट में हुआ यह आयोजन डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, 50 से अधिक प्रीमैच्योर बच्चों और उनके माता–पिता की उपस्थिति में बेहद भावुक और प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ।

प्रीमैच्योर बच्चों का बढ़ता मामला — हर 10 में से 1 बच्चा समय से पहले जन्मता है

सामान्यत: बच्चा मां के गर्भ में 37 सप्ताह पूरा करके जन्म लेता है, परंतु 37 हफ्तों से पहले जन्म लेने वाले बच्चे प्रीमैच्योर कहलाते हैं। विश्व स्तर पर हर 10 में से 1 बच्चे का जन्म समय से पहले हो जाता है। चिकित्सा तकनीक ने ऐसे बच्चों के जीवित रहने की दर तो बढ़ाई है, लेकिन यह अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।

अकाली जन्म के कारण — विशेषज्ञों ने बताए प्रमुख कारण

कार्यक्रम के दौरान मेडिकवर हॉस्पिटल्स के नवजात शिशु विशेषज्ञ एवं NICU इंचार्ज डॉ. तन्मेष कुमार साहू ने बताया कि प्रीमैच्योर डिलीवरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं—

एक से अधिक गर्भ (ट्विन्स/ट्रिपलेट्स)

गर्भवती महिला को संक्रमण होना

मधुमेह या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियाँ

कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी

डॉ. साहू के अनुसार ऐसे शिशुओं को

सांस लेने में कठिनाई

संक्रमण का खतरा

आंखों की समस्याएँ

लंबे समय में विकास से जुड़ी दिक्कतें
जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
समय पर निदान, NICU टीम की देखरेख और माता–पिता का मनोबल ऐसे बच्चों के लिए सबसे बड़ा सहारा है।

कार्यक्रम में जागरूकता से लेकर मनोरंजन तक—हर पल रहा खास

इस विशेष आयोजन में कई गतिविधियों का समावेश था—

प्रीमैच्योर बच्चों की देखभाल पर जागरूकता सत्र

डॉक्टर्स और पैरेंट्स के बीच संवाद

NICU के सफर के अनुभव साझा करना

छोटे बच्चों के लिए मजेदार खेल

माता–पिता में आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्यक्रम

इन उपक्रमों का उद्देश्य था माता–पिता को यह समझाना कि प्रीमैच्योर बच्चों की देखभाल में धैर्य, प्यार और सही चिकित्सा कितनी महत्वपूर्ण है।

यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक भावनात्मक उत्सव था: प्रादेशिक संचालक नीरज लाल

मेडिकवर हॉस्पिटल्स के महाराष्ट्र व कर्नाटक के प्रादेशिक संचालक नीरज लाल ने कहा—
“विश्व प्रीमैच्योर डे उन नन्हे योद्धाओं के सफर को सलाम करने का दिन है। मेडिकवर हॉस्पिटल्स में विश्वस्तरीय नवजात शिशु सेवाएँ उपलब्ध हैं और हम हर बच्चे को मजबूत भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

उनके अनुसार यह आयोजन सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति सम्मान है जिन्होंने कठिन सफर को हिम्मत से पार किया।

मेडिकवर ने ‘चिमुकले योद्धे’ की जीत का किया जश्न

पूरे कार्यक्रम में NICU से बाहर आ चुके बच्चों की मुस्कान और माता–पिता की भावनाएं इस बात का प्रमाण थीं कि सही इलाज, समय पर देखभाल और दृढ़ संकल्प किसी भी चुनौती को जीत सकता है।
मेडिकवर हॉस्पिटल्स ने इन बच्चों, उनके परिवारों और NICU टीम का सम्मान कर उनके साहस को सलाम किया।

 

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