जो इंडिया / मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति (Politics of Maharashtra) में गुरुवार, 17 जुलाई 2025 का दिन एक शर्मनाक घटना के तौर पर दर्ज हो गया। मुंबई स्थित महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों और बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर (Supporters of NCP MLA Jitendra Awhad and BJP MLA Gopichand Padalkar) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस मारपीट में तब्दील हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते दोनों नेताओं के बीच विधानसभा के भीतर हुई तीखी बहस और व्यक्तिगत आरोपों के बाद माहौल पहले से ही गर्म था। गुरुवार को जैसे ही दोनों पक्षों के समर्थक परिसर में आमने-सामने आए, पहले नारेबाज़ी शुरू हुई और कुछ ही देर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एनसीपी के वरिष्ठ पदाधिकारी नितिन देशमुख पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों के मुताबिक देशमुख को धक्का दिया गया और घूंसे मारे गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद परिसर में भारी पुलिस बल बुलाया गया और दोनों पक्षों को अलग किया गया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत रिपोर्ट तलब की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि विधानसभा जैसी लोकतांत्रिक संस्था में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा इंतज़ामों में चूक कैसे हुई, इसकी जांच की जाएगी।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए इसे “गुंडा राज” करार दिया और कहा कि राज्य की जनता अब देख रही है कि सत्ता के नशे में किस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता के दबाव में उनके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मर्यादाओं को रौंद रहे हैं। वहीं बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि हिंसा की शुरुआत एनसीपी समर्थकों ने की।
