जो इंडिया ब्यूरो / मुंबई: (UPI new update)
देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) अब एक नए युग में प्रवेश कर गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI
फेस और फिंगरप्रिंट से होगा पेमेंट
UPI का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव है — बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन। अब यूज़र्स मोबाइल पर PIN डालने की बजाय अपने चेहरे की पहचान (Face Recognition) या उंगलियों के निशान (Fingerprint) से पेमेंट की मंजूरी दे सकेंगे। यह तकनीक आधार (Aadhaar) से जुड़ी होगी और सुरक्षा के लिहाज से बायोमेट्रिक डेटा केवल यूज़र के फोन में ही सुरक्षित रहेगा। इससे पेमेंट न सिर्फ तेज़ बल्कि धोखाधड़ी से भी सुरक्षित होंगे।
स्मार्ट गिलास और वॉयस कमांड से पेमेंट
NPCI ने एक और अनोखा कदम उठाते हुए “Wearable Payment” की शुरुआत की है। यानी अब स्मार्ट ग्लास (Smart Glasses) और वॉयस कमांड के जरिए भी UPI पेमेंट किया जा सकेगा। इस फीचर के तहत छोटे-छोटे लेनदेन बिना मोबाइल खोले सिर्फ QR कोड देखकर या बोलकर किए जा सकते हैं। इसे “हैंड्स-फ्री पेमेंट सिस्टम” कहा जा रहा है, जो आने वाले समय में आम लोगों की ज़िंदगी को और सुविधाजनक बनाएगा।
ChatGPT में भी अब UPI पेमेंट संभव
AI तकनीक के साथ भारत ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। NPCI और Razorpay ने मिलकर ChatGPT के अंदर UPI पेमेंट की सुविधा शुरू करने का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इसका मतलब है कि अब आप ChatGPT पर बात करते हुए ही किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए भुगतान कर सकेंगे। यह प्रयोग फिलहाल कुछ चुनिंदा बैंकों जैसे Axis Bank और Airtel Payments Bank के साथ चल रहा है।
मल्टी-साइनरी UPI अकाउंट
अब UPI में संयुक्त खाते (Joint Account) रखने वालों के लिए भी बड़ी राहत है। नए नियम के तहत किसी ट्रांज़ैक्शन को मंजूरी देने से पहले सभी अधिकृत साइनर की स्वीकृति ली जाएगी। यह फीचर विशेष रूप से पारिवारिक खातों और व्यापारिक उपयोगकर्ताओं के लिए लाभदायक रहेगा। इससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।
‘UPI Help’ से तुरंत शिकायत समाधान
यूज़र्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए NPCI ने ‘UPI Help’ नामक एक AI आधारित सहायक सेवा शुरू की है। इस फीचर से आप अपने लेनदेन की स्थिति जान सकते हैं, पेमेंट फेल या डिले होने पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, और सब्सक्रिप्शन जैसे ऑटो-पेमेंट्स को रोक या पुनः शुरू कर सकते हैं। इससे डिजिटल पेमेंट्स का अनुभव पहले से अधिक सहज और भरोसेमंद हो गया है।
₹5 लाख तक बढ़ी ट्रांज़ैक्शन सीमा
NPCI ने UPI के जरिए बड़े भुगतान को आसान बनाते हुए ट्रांज़ैक्शन लिमिट को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। अब अस्पतालों के बिल, कॉलेज फीस या अन्य बड़े खर्च भी सीधे UPI से किए जा सकेंगे। यह कदम भारत में नकदरहित अर्थव्यवस्था को और मज़बूती देगा।
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
UPI से सामान्य लेनदेन अभी भी पूरी तरह मुफ्त हैं। यानी किसी व्यक्ति या व्यापारी को पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। केवल Prepaid Wallet या PPI के जरिए ₹2,000 से अधिक पेमेंट करने पर कुछ मामूली इंटरचेंज शुल्क लागू होगा, जो व्यापारी को देना होगा, ग्राहक को नहीं।
नया अनुभव, नई सुरक्षा
इन सभी बदलावों का उद्देश्य है — डिजिटल पेमेंट को और सरल, तेज़ और “टेंशन फ्री” बनाना। अब न कोई PIN की झंझट, न OTP की देरी। सिर्फ चेहरा दिखाइए या उंगली रखिए, और पेमेंट तुरंत हो जाएगा।



