मुंबई। विभिन्न धर्मों के आध्यामिक गुरू(Spiritual leaders of different religions)योग पर एकजूट होते हुए अपने-अपने विचार साझा किए। साथ ही उन्होंने कहा कि योग सांस्कृतिक (Yoga Cultural)समरसता का साधन और इसके आध्यात्मिक पहलु है। बता दें कि हाल ही में लोनावला के कैवल्यधाम दो दिवसीय राष्ट्रीय योग सम्मेलन(Kaivalya Dham two day national yoga conference in Lonavala)का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में जैन, हिंदू, बौद्ध, इस्लाम, ईसाई और पारसी धर्मों के आध्यात्मिक गुरुओं ने भाग लिया, जिन्होंने योग के बारे में चर्चा की और अपने-अपने विचार साझा किए। कैवल्यधाम के अध्यक्ष डॉ. ओपी तिवारी ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। परम पूज्य रिनपोछे ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। डॉ. ओपी तिवारी ने कहा कि योग अलग-अलग समुदायों, क्षेत्रों, परंपराओं और धर्मों में सांस्कृतिक सद्भाव को जोड़ने वाली शक्ति है।
योग पर एकजूट हुए विभिन्न, धर्मों के आध्यात्मिक गुरु, विचारों को किया साझा, हाल ही में संपन्न हुआ था राष्ट्रीय योग सम्मेलन

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