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Danger of adenovirus on holi : होली पर एडेनोवायरस का छाया संकट , छोटे बच्चों को अधिक है खतरा

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मुंबई । होली मुंहाने पर है। कल से मनाए जाने वाले इस त्योहार को मानने के लिए लोग इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन सबके बीच देश में चिंता पैदा करनेवाली जानकारी सामने आई है। दो साल कोरोना के साए में बिताने वाले हिंदुस्थानियों के सामने एक और एडेनोवायरस( Adenovirus ) संकट बनकर खड़ा हो गया है। यह वायरस(Virus) बच्चों के लिए घातक है। फिलहाल पश्चिम बंगाल(West bengal) में इसका प्रसार बच्चों में तेजी से हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों (Official data) के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एडेनोवायरस( Adenovirus in Bengal)  से अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। यह भी पता चला है कि इनमें से आठ बच्चे पहले से ही किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। इसे संक्रामक रोग बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने यह स्वीकार नहीं किया है कि मौतें एडेनोवायरस के कारण हुई हैं। दूसरी तरफ भले ही पश्चिम बंगाल सरकार भले ही वायरस के प्रसार होने को अस्वीकार कर रही हो लेकिन इस रोकने के लिए कमर कस ली है। हाल ही आयोजित बैठक में बताया गया है कि 600 बाल रोग विशेषज्ञों समेत 121 अस्पतालों में पांच हजार बेड तैयार रखे गए हैं। इस बीच यह भी बताया गया कि प्रदेश में एक महीने में तीव्र श्वसन के 5,232 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं दो साल बाद होली का त्योहार बिना पाबंदी के मनाया जा रहा है। ऐसे में यहां भारी भीड़ होगी। इसकी वजह से इस वायरस के फैलने की आशंका है।

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ये हैं वायरस के लक्षण

एडेनोवायरस के लक्षण कोरोना वायरस से मिलते जुलते हैं। इसलिए बहुत से लोग भ्रमित हैं कि क्या यह दूसरे प्रकार का कोरोना है। एडेनोवायरस संक्रमण के कारण सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा बुखार, गला सूखना, एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस जैसी दिक्कतें महसूस होती हैं। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को निमोनिया, लाल आंखें, दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस वायरस से ब्लैडर इंफेक्शन का खतरा भी होता है।

इस तरह फैलता है वायरस

यह एक वायरस है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से एडेनोवायरस फैल सकता है। यह खांसने या छींकने से हवा के माध्यम से भी फैल सकता है। यदि एडेनोवायरस किसी सतह पर है और आप उसे छूते हैं या उसके संपर्क में आते हैं, तो आप भी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। कभी-कभी एडेनोवायरस संक्रमित व्यक्ति के मल से भी फैल सकता है।

बीमारी का नहीं है कोई इलाज

एडेनोवायरस के लिए कोई विशिष्ट दवा या उपचार नहीं है। अधिकांश मामलों में एडेनो वायरस से संक्रमित रोगियों में लक्षण हल्के होते हैं। इसलिए उन्हें दवा से ठीक किया जा सकता है। इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इन लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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