जो इंडिया / मुंबई: (Ganesh Naik attacks Election Commission)
नवी मुंबई मनपा चुनाव के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सरकार के मंत्री गणेश नाईक ने मतदान प्रक्रिया और चुनावी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में लोकतंत्र खतरे में दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था दबाव में काम कर रही है और इसका सीधा असर आम मतदाताओं के अधिकारों पर पड़ रहा है।
मतदान के दिन की अपनी व्यक्तिगत परेशानी साझा करते हुए गणेश नाईक ने कहा कि उन्हें खुद वोट डालने के लिए दो से ढाई घंटे तक इधर-उधर भटकना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक विधायक और मंत्री को मतदान करने में इतनी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति कितनी खराब होगी। नाईक ने इसे चुनाव आयोग की कमजोर योजना और प्रशासनिक विफलता करार दिया।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
गणेश नाईक ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करे, लेकिन नवी मुंबई में जो तस्वीर सामने आई, वह चिंताजनक है। मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था, मतदाताओं को जानकारी की कमी और घंटों इंतजार जैसी समस्याओं ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार चुनावी तंत्र दबाव में आकर अपने कर्तव्यों से भटक जाता है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दौरे पर उठी आपत्ति
मंत्री नाईक ने उपमुख्यमंत्री एवं शिंदे गुट के प्रमुख एकनाथ शिंदे के नवी मुंबई दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह के दौरे किन नियमों के तहत किए गए, इसकी जांच होनी चाहिए। नाईक ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग सत्ता और हार के डर से बेचैन हैं, इसलिए वे रात में शैतान की तरह घूमकर पैसों के दम पर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पैसे और फोन कॉल से मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप
गणेश नाईक ने चुनावी प्रक्रिया में पैसों और फोन कॉल के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले फोन कॉल का असर ज्यादा होता था, लेकिन अब जनता समझदार हो गई है। नवी मुंबई के मतदाताओं ने यह साबित कर दिया है कि वे लालच और दबाव में नहीं आते और गलत तरीकों से बांटे गए पैसों को सिरे से नकारते हैं।
“नवी मुंबई का मतदाता हराम का पैसा नहीं लेगा”
शिंदे गुट पर सीधा हमला बोलते हुए नाईक ने कहा कि नवी मुंबई की जनता ईमानदार है और वह भ्रष्ट तरीकों से आया हुआ पैसा स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यहां का मतदाता विकास, पारदर्शिता और सच्चाई के आधार पर फैसला करता है, न कि धनबल के प्रभाव में आकर।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
गणेश नाईक के इस तीखे और बेबाक बयान के बाद नवी मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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