By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
      • आध्यात्म
Reading: दीपावली पर आतिशबाजी व पटाखे धर्मविरुद्ध एवं पर्यावरण के लिए नुकसानदायक: ज्योति मुणोत
Share
Font ResizerAa
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
Search
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
Have an existing account? Sign In
Follow US

Home » दीपावली पर आतिशबाजी व पटाखे धर्मविरुद्ध एवं पर्यावरण के लिए नुकसानदायक: ज्योति मुणोत

इवेंटकल्याणकाव्य-कथाठाणेदेश-दुनियानवीमुंबईमुंबईसिटी

दीपावली पर आतिशबाजी व पटाखे धर्मविरुद्ध एवं पर्यावरण के लिए नुकसानदायक: ज्योति मुणोत

Deepak dubey
Last updated: October 23, 2022 6:05 pm
Deepak dubey
Published: October 23, 2022
Share
IMG 20221023 WA0010
SHARE

यूं तो दीपावली पर आतिशबाजी करना तथा पटाखे जलाना सबको अच्छा लगता है लेकिन क्या कभी किसी ने यह सोचा है कि आतिशबाजी तथा पटाखों का हानिकारक पहलू क्या है? हम सभी आतिशबाजी से होने वाले नुकसान के विषय मे पढ़ते तथा सुनते रहे हैं और जानते भी हैं कि पटाखों का जानलेवा धुंआ वातावरण और स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है? इस जहरीले धुएँ से पर्यावरण तो दूषित होता ही है, साथ ही साथ अबोल जीवों के जीवन पर संकट भी आता है। क्या किसी ने इस विषय पर चिंतन किया कि इसका हमारे स्वास्थ्य पर कितना खतरनाक असर पड़ता है? एवं धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो क्या किसी ने यह भी सोचा कि इसका हमारी धार्मिक मान्यताओं में अहिंसा के सिद्धांत से कितना विरोधात्मक संबंध है?
सर्वप्रथम तो इस दीपावली हम यह चिंतन करें कि खुशियों के त्यौहार में हर दृष्टिकोण से हानिकारक पटाखों का क्या और कितना महत्व है और यह मानव, पशुओं सहित पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाता हैं? यह भी सोचना होगा कि हमारी इस मनमानी की कितनी बड़ी कीमत हम और हमारी आने वाली पीढ़ी को चुकाना पड़ेगा?
सबसे पहले तो हमें यह ही जानना होगा कि पटाखों का दीपावली से कोई संबंध ही नहीं है। पटाखे व आतिशबाजी पशु-पक्षियों और पर्यावरण के भी शत्रु हैं। हर दीपावली से पूर्व हमारे साधु-भगवंत, अहिंसाप्रेमी, बुद्धिजीवि, शासन व समाज के अग्रणी महानुभाव व पर्यावरण रक्षकों द्वारा समझाया जाता है कि आतिशबाजी तथा पटाखे हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। दीपावली पर आतिशबाजी तथा पटाखों के कारण सांस लेना दूभर हो जाता है तथा इनसे पैदा हुई फेफड़ों व आंखों की कई बीमारियां हमें बहुत कष्ट देती है। आतिशबाजी तथा पटाखे जलाने से उत्पन्न धुआं हमारे शरीर, फसलों, वातावरण एवं जनजीवन के लिए नुकसानदेह होता है तथा वैज्ञानिक खोज में भी विभिन्न कठिनाइयों के साथ अनेक प्रकार से बाधक बनता है।
दीपावली का संबंध हमारी धार्मिक परंपरा तथा संस्कृति से है, जो हम अपने धर्म शास्त्रों की कथाओं में पढ़ते आए हैं। जैन धर्म में कहीं भी नहीं लिखा है कि दीपावली पर पटाखे जलाना व आतिशबाजी करनी चाहिए। जैन धर्म में दीपावली के दिन भगवान महावीर को मोक्ष (निर्वाण) एवं गणधर गौतम स्वामी को परम बोधि केवलज्ञान की प्राप्ति हुई थी। ज्ञान ज्योति का प्रतीक है, जो स्वयं भी प्रकाशित होता है और दूसरों को भी प्रकाशवान करता है। इसी के प्रतीक स्वरूप दीपक प्राकट्य कर दीपोत्सव मनाया जाता है। हिंदू धर्म या अन्य धर्मों में भी दीपावली पर पटाखे जलाने की कोई घटना का कहीं उदाहरण नहीं है। रामायण में महर्षि वाल्मीकि ने लिखा है कि भगवान राम जब चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या नगरी लौटे तो अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। यानि हमें यह मानना होगा कि पर्व दीपावली का पटाखों व आतिशबाजी से कोई संबंध नहीं है।
आतिशबाजी करना जैन धर्म के अहिंसा सिद्धांत के भी सख्त विरुद्ध है। हम जैन धर्म की मान्यता वाले लोग तीर्थंकर भगवान महावीर के महाप्रयाण के शुभ दिन को दीपावली के महान पर्व के रूप में मनाते हैं तो फिर दीपावली के दिन ही भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांत का उल्लंघन करना तो निश्चित रूप से पाप ही कहा जाएगा क्योंकि आतिशबाजी करने तथा पटाखे जलाने से लाखों जीव एक साथ मौत के मुंह में समा जाते हैं। भगवान महावीर कहते थे कि जीव मात्र को जीने का अधिकार है इसलिए उन्होंने जीवों के लिए ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया। दीपावली पर आतिशबाजी व पटाखे पाप कर्म है, जिसका उल्लेख हमारे साधु भगवंतों के व्याख्यानों में भी समय-समय पर सुनने को मिलता है। अतः सभी से निवेदन है कि पर्यावरण की रक्षा तथा धर्म की परंपरा को जीवंत रखने हेतु दीपावली पर पटाखों से परहेज करें ताकि सभी का जीवन स्वस्थ रहेगा। आइये! हम सब इस दीपावली से यह प्रण करें कि पर्यावरण के रक्षण व धर्म के अनुसरण के लिए दीपावली केवल दीपक प्रज्वलित करके मनाएंगे और आतिशबाजी तथा पटाखों से परहेज करेंगे। हम सभी दीपावली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगे आकर सहयोग करें।

Advertisement

लेखिका: ज्योति मुणोत (संयोजक- गोडवाड़ पर्यावरण संरक्षण समिति)

Movement in the REIT Sector: मुंबई–पुणे के CBD मार्केट्स में माइंडस्पेस REIT की बड़ी एंट्री, तीन ट्रॉफी एसेट्स खरीदे
US H1B Visa: भारतीयों को वीजा देने के लिए अमेरिका ने उठाया ‘यह’ कदम; अमेरिकी वीजा के लिए दर्ज आवेदनों की रिकॉर्ड संख्या
LDemand for escalator on Harbour Railway route: हार्बर रेलवे मार्ग पर एस्केलेटर की मांग अभी भी अधूरी! सीनियर सिटीजन कब पाएंगे राहत?
HIV infection through blood transfusions to children: खून की लापरवाही बनी जानलेवा, 5 मासूमों को HIV, मुआवजे और न्याय की लड़ाई पहुँची हाई कोर्ट तक
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर सफल ट्रायल ,ट्रायल के साथ ही शुरू हुआ प्रशिक्षण
TAGGED:jyoti mudotMaharashtra newsmumbai newsthane
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Popular News
IMG 20251221 WA0017
देश-दुनिया

Israel Iran Conflict: इज़राइल–ईरान कभी दोस्ती की मिसाल थे, आज एक नंबर के दुश्मन, जानिए क्या है भीतर की कहानी

Deepak dubey
Deepak dubey
December 21, 2025
Beware of Chinese kite strings: ठाणे जिले के भिवंडी के फ्लाईओवर पर चीनी पतंग के मांझे से सावधान रहें
CBSE new exam policy: 2026 से सीबीएसई का बड़ा बदलाव: अब साल में दो बार होंगी 10वीं बोर्ड परीक्षा, छात्रों को मिलेगा सुधार का सुनहरा अवसर!
Big Show for MSMEs “India “SME Manufacturing Summit” held in Mumbai with huge participation of Indian MSMEs
School bus owner association: पुलिस से परेशान, करेंगे ‘बंद’
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • फिल्मी दुनिया
  • खेल
  • वेब स्टोरी

ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार - Joindia News

Joindia में आपका स्वागत है। यह आपका विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो देश-दुनिया की ताज़ा और सटीक ख़बरें आप तक पहुँचाता है। हम उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत सभी प्रमुख राज्यों की लोकल हरकतों को खास अंदाज में कवर करते हैं। साथ ही, राशिफल, मनोरंजन और वायरल वीडियो से आपको हर पल जोड़े रखते हैं।

Subscribe US

Joindia की ताज़ा ख़बरें अब आपके मेल में भी! हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें और हर पल बने रहें अपडेट।

@2022-25 - joindia.co.in. All Right Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?