शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने करीब एक महीने तक मीडिया और सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद धमाकेदार अंदाज में वापसी की है. इस दौरान उनका पुराना अंदाज फिर से चर्चा का विषय बन गया है. बता दें, राउत पिछले कुछ समय से सेहत संबंधी समस्याओं का इलाज कर रहे थे. इस लिए उन्होंने खुद को सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने का ऐलान किया था. इसी बीच उन्होंने अपना इलाज कराया और जल्द से जल्द रिकवरी पर ध्यान दिया।
सूत्रों के अनुसार, राउत ने यह समय अपने इलाज कराया और पूर्ण विश्राम में बिताया, मेडिकल ट्रीटमेंट लिया और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। इसी कारण एक महीने तक वह मीडिया बाइट्स, प्रेस इंटरैक्शन और किसी भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए।
लेकिन 1 दिसंबर को, जैसे ही उन्होंने वापसी की, उन्होंने अपने खास तेवरों में ही महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी की। राउत ने एक बार फिर रूलिंग पार्टी पर तीखा हमला करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली और मौजूदा सत्ता समीकरणों पर सवाल खड़े किए।
राउत का यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि स्वास्थ्य लाभ के बाद वह अब फिर से सक्रिय राजनीति में पूरी मजबूती से उतर चुके हैं। शिवसेना (UBT) खेमे में भी उनकी वापसी को एक बड़े мораль बूस्ट के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि राउत पार्टी के महत्वपूर्ण चेहरों में से एक हैं और राजनीतिक बहस में उनकी मौजूदगी हमेशा असर डालती रही है।
पार्टी के भीतर सूत्रों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में राउत कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे और महाराष्ट्र की राजनीति पर फिर से अपना प्रभाव दिखाते नज़र आएंगे।



