जो इंडिया / मुंबई। राज्य को हिलाकर रख देने वाले शिक्षक भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एंट्री कर ली है। माना जा रहा है कि इस घोटाले की आंच शिंदे गुट के पूर्व मंत्री दीपक केसरकर तक पहुँच सकती है। सूत्रों के अनुसार, शिंदे के कार्यकाल में इस फर्जीवाड़े ने तेजी पकड़ी थी। अब ईडी ने जांच के लिए संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण और आरोपियों के बयान नागपुर पुलिस से मांगे हैं, जिससे कई बड़े नेताओं और अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने के आसार हैं।
घोटाले का खुलासा नागपुर जिले की निजी प्राथमिक स्कूलों में 580 फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति से हुआ है। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और मृतक अधिकारी के हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर भर्तियां की गईं।
मुख्य आरोपी निलेश मेश्राम को हिरासत में लिया गया है, जिसकी कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है। अब इस घोटाले की जांच एसआईटी, ईडी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग भी तेज हो गई है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मांग की है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले, लेकिन निर्दोषों को परेशान न किया जाए।



