जो इंडिया / मुंबई।
सूत्रों के अनुसार, फिलहाल मध्य रेलवे के करीब 15 रेक में कैमरे ट्रायल के तौर पर लगाए जा चुके हैं। केबिन में लगे माइक के जरिए मोटरमैन की आवाज भी रिकॉर्ड की जा रही है। यदि मोटरमैन की नजर फ्रेम से बाहर जाती है, तो माइक के जरिये तुरंत उन्हें अलर्ट किया जाता है। मोटरमैनों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सिग्नल देखने और लॉगबुक भरने जैसे कामों के चलते हल्का ध्यान विचलन स्वाभाविक है।
वहीं, पश्चिम रेलवे ने भी 30 रेक के 60 केबिनों में कैमरे स्थापित कर दिए हैं। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कैमरे मोटरमैन की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना के बाद जांच प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए लगाए गए हैं।
मोटरमैन संघ ने रेलवे प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो वे व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
