मुंबई विश्वविद्यालय (Mumbai University) में मराठी माध्यम के विद्यार्थियों के साथ हो रहे कथित अन्याय को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) अब आक्रामक हो गई है। मराठी भाषा को लगातार नज़रअंदाज़ किए जाने की शिकायत युवासेना तक पहुंचते ही इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन को कठोर शब्दों में घेरा गया। शिवसेना नेता और विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackerays)
युवासेना ने शिकायत में स्पष्ट कहा कि— 28 नवंबर 2025 को आयोजित द्वितीय वर्ष विधि (LLB) की परीक्षा में मराठी माध्यम के छात्रों को दी गई प्रश्नपत्रिका में कई प्रश्न और महत्वपूर्ण शब्द अंग्रेज़ी भाषा में लिखे हुए थे। कुछ प्रश्न तो पूरी तरह अंग्रेज़ी में ही थे।
युवासेना का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई विषयों की प्रश्नपत्रिकाओं में अंग्रेज़ी शब्दों का अत्यधिक इस्तेमाल किया गया था। उस समय भी विश्वविद्यालय को शिकायत दी गई थी, लेकिन परीक्षा विभाग ने सुधार के बजाय उसी गलती को दोहराया।
कुलसचिव के समक्ष सवाल उठाते हुए युवासेना प्रतिनिधियों ने कहा— “मराठी माध्यम के विद्यार्थियों को अंग्रेज़ी में प्रश्न देना साफ़ तौर पर अन्याय है। मराठी भाषा के साथ हो रही यह गला घोंट नीति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इस सख्त आपत्ति के बाद कुलसचिव डॉ. प्रसाद कारंडे ने तत्काल परीक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने आदेश दिया— “मराठी माध्यम की सभी प्रश्नपत्रिकाएँ शुद्ध मराठी भाषा में ही तैयार की जाएँ। इसके लिए विभाग तुरंत परिपत्रक जारी करे।”
युवासेना की कड़ी आपत्ति और हस्तक्षेप के बाद अख़िरकार विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। मराठी छात्रों के हित में जारी यह आदेश अब अन्य विभागों और परीक्षाओं के लिए भी अहम मिसाल साबित हो सकता है।



