जो इंडिया /नवी मुंबई: (RTI complaint controversy)
तक्रारकर्ता महिला के अनुसार, उसके दुकान से संबंधित एक शिकायत आरटीआई के माध्यम से की गई थी। महिला का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संपर्क कर मामले को वापस लेने के लिए धनराशि देने का दबाव बनाया गया। महिला का कहना है कि जब उसने कथित रूप से पैसे देने से इनकार किया और शिकायत वापस लेने का कारण पूछा, तो पहले उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
महिला ने अपनी शिकायत में आगे आरोप लगाया है कि इसके बाद महेश कोठीवाले, सिधराम शिलावंत और उनके साथ आए 10 से 15 लोगों ने उसके साथ तथा एक अन्य महिला के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इस दौरान महिलाओं के कपड़े फाड़े गए और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद दोनों महिलाएं पुलिस स्टेशन पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरटीआई जैसे पारदर्शिता के महत्वपूर्ण माध्यम का कथित रूप से दबाव बनाने या आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोपों ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसलिए जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच अधिकारी घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रहे हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
फिलहाल, यह मामला नवी मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, वहीं दूसरी ओर यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
RTI complaint controversy: नवी मुंबई में आरटीआई विवाद ने पकड़ा तूल, पैसे मांगने का आरोप; विरोध करने पर महिलाओं से मारपीट का दावा

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