हज़ारों की संख्या में पहुँचे आंदोलनकारी, पुलिस का कड़ा बंदोबस्त, ट्रैफिक डायवर्जन से आम जनता परेशान
जो इंडिया/नवी मुंबई।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) का मुद्दा एक बार फिर उग्र होता दिखाई दे रहा है। मराठा समाज (Maratha Society) के आंदोलनकारियों ने अब नवी मुंबई की ओर कूच कर दिया है। शुक्रवार सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों से हज़ारों की संख्या में मराठा समाज के युवा, महिलाएँ और वरिष्ठ नागरिक नवी मुंबई पहुँचने लगे हैं। शहर के कई हिस्सों में आंदोलनकारियों की भीड़ जमा होने लगी है, जिसके चलते माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नज़र आ रहा है।

आंदोलनकारियों का जोश
नवी मुंबई के प्रवेश द्वारों पर मराठा समाज के कार्यकर्ता ढोल-ताशों के साथ पहुँच रहे हैं। हाथों में समाज के झंडे, बैनर और पोस्टर लिए आंदोलनकारी “आरक्षण हमारा हक़ है” जैसी नारेबाज़ी कर रहे हैं। जगह-जगह समाजसेवी संगठन और युवाओं के समूह भीड़ को संगठित कर रहे हैं।
प्रशासन ने कसा सुरक्षा जाल
आंदोलन की घोषणा के बाद नवी मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संभावित संवेदनशील इलाक़ों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और विशेष सुरक्षा दस्ते भी मौजूद हैं। ट्रैफिक पुलिस ने कई इलाक़ों में मार्ग बदलकर वाहनों को डायवर्ट किया है, जिससे आम लोगों को आवाजाही में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।

संवाद और शांति की अपील
नवी मुंबई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए लगातार समाज के प्रतिनिधियों से संवाद साध रहे हैं। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे शहर की शांति व्यवस्था को बाधित न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी लड़ाई पूरी तरह अहिंसक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ेगी।
क्यों उग्र हुआ आंदोलन?
महाराष्ट्र में मराठा समाज लंबे समय से आरक्षण की माँग कर रहा है। पिछली सरकारों ने आरक्षण को लेकर कई बार पहल की, लेकिन कानूनी और संवैधानिक अड़चनों के कारण इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। हाल ही में आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस प्रगति न होने से समाज में असंतोष बढ़ गया है। इसी के चलते आंदोलन अब नवी मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुँच गया है।
आम जनता पर असर
आंदोलन का असर आम जनता पर भी दिखने लगा है। ट्रैफिक डायवर्जन के कारण ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बाज़ारों और दुकानों में भी सन्नाटा नज़र आ रहा है। कई इलाक़ों में एहतियात के तौर पर दुकानदारों ने स्वयं ही दुकानें बंद रखी हैं।
आगे की रणनीति
आंदोलनकारी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन नवी मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में फैल सकता है।



