जो इंडिया / मुंबई : (Ola Uber Rapido Ban Maharashtra)
सरकार का आरोप है कि ये कंपनियां बिना वैध लाइसेंस, बिना परमिट और नियमों की अनदेखी करते हुए हजारों पेट्रोल बाइक सड़कों पर दौड़ा रही थीं। राज्य सरकार का कहना है कि इन सेवाओं के जरिए कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं, जबकि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई।
72 घंटे में सरकार का बड़ा एक्शन
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने 12 मई को महाराष्ट्र साइबर विभाग को पत्र लिखकर इन ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद महज तीन दिनों के भीतर यानी 15 मई को साइबर विभाग ने गूगल और एप्पल को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो द्वारा चलाई जा रही बाइक टैक्सी सेवाएं कानूनी मानकों का पालन नहीं कर रहीं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त
राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे सबसे बड़ा कारण महिला सुरक्षा को बताया है। सरकार का दावा है कि बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ड्राइवर वेरिफिकेशन, इंश्योरेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद कमजोर पाए गए।
हाल के महीनों में बाइक टैक्सी से जुड़ी कई घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी। एक महिला यात्री की मौत और महिला यात्रियों के साथ कथित गैरवर्तन की शिकायतों के बाद सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। कई पुलिस थानों में बाइक टैक्सी चालकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
“इलेक्ट्रिक बाइक की मंजूरी थी, पेट्रोल बाइक उतार दीं”
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सेवाओं को सीमित और अस्थायी मंजूरी देने पर विचार किया था, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। कंपनियों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने और नियमों का पालन करने के लिए समय भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।
सरनाईक ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने नियमों को नजरअंदाज कर हजारों पेट्रोल बाइक सड़कों पर उतार दीं और बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार शुरू रखा। उन्होंने साफ कहा कि रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हैं, लेकिन महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा उससे कहीं ज्यादा अहम है।
कैब और ऑटो सेवाएं रहेंगी जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ की जा रही है। ओला और उबर की कैब तथा ऑटो सेवाओं पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा और वे पहले की तरह संचालित होती रहेंगी।
हालांकि यदि गूगल और एप्पल महाराष्ट्र सरकार के आदेश का पालन करते हैं, तो आने वाले दिनों में राज्यभर में बाइक टैक्सी सेवाएं पूरी तरह बंद हो सकती हैं। इससे लाखों ड्राइवर्स, डिलीवरी पार्टनर्स, राइडर्स और रोजाना सस्ती यात्रा करने वाले यात्रियों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। डिजिटल ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए यह फैसला एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।



