महाराष्ट्र में आगामी नगर पालिका और जिला परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस (Congress) पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन चुनावों में समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लेकर मैदान में उतरेगी। इसी कड़ी में कांग्रेस और राष्ट्रीय समाज पार्टी (RSP) ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
इस गठबंधन की घोषणा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshwardhan Sapkal) और राष्ट्रीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री महादेव जानकर (Mahadev Jankar) ने संयुक्त रूप से की। दोनों नेताओं के बीच आज मुंबई के तिलक भवन में विस्तृत बातचीत हुई, जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान किया गया।
LIVE || प्रदेशाध्यक्ष मा.श्री हर्षवर्धन सपकाळ यांचा मध्यमांशी संवाद. https://t.co/tPoCVHEkOD
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) December 24, 2025
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प
प्रेस वार्ता में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि महादेव जानकर बहुजन समाज की सशक्त और प्रभावी आवाज़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। ऐसे समय में समान सोच रखने वाली पार्टियों का एकजुट होना बेहद जरूरी है।
सपकाल ने बताया कि कांग्रेस और RSP ने पहले भी सातारा, सांगली, मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर चुनाव लड़े हैं और अब इस सहयोग को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल चुनावी नहीं, बल्कि विचारधारात्मक साझेदारी है, जिसे भविष्य में भी कायम रखा जाएगा।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा
इस मौके पर RSP अध्यक्ष महादेव जानकर ने कहा कि वे शिव, शाहू, फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर राजनीति करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी भावना के साथ वे दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिले थे और समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक मंच पर लाने की जरूरत पर चर्चा की थी।
जानकर ने कहा कि कांग्रेस और RSP के बीच 31 मई को गठबंधन तय हुआ था। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वे देश के युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, गरीबों और पिछड़े वर्गों की आवाज बनकर मजबूती से खड़े हैं।
सीटों से ज्यादा संविधान की चिंता
महादेव जानकर ने स्पष्ट किया कि उनके लिए कितनी सीटें जीतना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना। उन्होंने कहा कि आम जनता को सम्मान और न्याय दिलाना इस गठबंधन की प्राथमिकता रहेगी।
शिवसेना–MNS गठबंधन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस जोड़ने की राजनीति करती है, तोड़ने की नहीं। उन्होंने शिवसेना–MNS गठबंधन को शुभकामनाएं दीं।
सपकाल ने बताया कि महाविकास आघाड़ी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ लड़े थे, लेकिन कार्यकर्ताओं की भावना को देखते हुए मुंबई नगर निगम का चुनाव कांग्रेस ने अकेले लड़ने का फैसला किया। पार्टी के इस रुख को एमपीसीसी के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने भी स्पष्ट किया है।
अकेले लड़ने से मिला फायदा
उन्होंने दावा किया कि हालिया नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस को अकेले लड़ने का लाभ कई जगहों पर मिला है। सपकाल ने आरोप लगाया कि महायुति ने चुनावों में साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाई और प्रशासन व चुनाव आयोग का भी उन्हें समर्थन मिला, इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और मजबूती से मुकाबला किया।
41 मेयर की जीत पर जश्न
नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस पार्टी के 41 मेयर चुने जाने पर प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हर्षवर्धन सपकाल को 41 नंबर के आकार का गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।




