जो इंडिया / नवी मुंबई। (Satayug Aagaman Saket Mahayagya)
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, जागरण और शांति का महापर्व है। देशभर से हजारों भक्त, संत-सेवक और साधक इस अद्वितीय दिव्य कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी है और सेवादल के सदस्य लगातार सेवा में लगे हुए हैं।
महायज्ञ का उद्देश्य: आत्मिक उत्थान और सामाजिक सद्भाव
यह महायज्ञ आत्मा को शांति, करुणा, प्रेम और दिव्य ज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा आध्यात्मिक उत्सव माना जा रहा है। सद्गुरु श्री दयाल जी महाराज के मार्गदर्शन में यह अब तक का चौथा महायज्ञ होगा, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत सिद्ध होगा।
भक्तों के लिए महत्वपूर्ण अपील
आयोजक मंडल ने बताया कि—
जिन भक्तों के घरों में यज्ञ गुल्लक (दान पात्र) हैं, वे अपना योगदान समय से जमा करना प्रारंभ करें।
सभी देवियाँ (भक्त महिलाएँ) घी सेवा की तैयारी शुरू करें।
यज्ञ के दौरान भक्ति, ध्यान, सत्संग, प्रवचन और सेवा के विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
क्या होगा विशेष?
दिव्य मंत्रोच्चार और अनुष्ठान
शांति व करुणा पर आधारित सत्संग
गुरु महाराज का पावन प्रवचन
सामूहिक ध्यान और सेवा कार्यक्रम
समाज में प्रेम, सद्भाव और सत्य की जागृति
सद्गुरु श्री दयाल जी महाराज के आगमन के साथ यह महायज्ञ भक्तों के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अवसर लेकर आने वाला है, जहाँ एक मन, एक श्रद्धा और एक भक्ति के साथ सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त होगा।
