जो इंडिया / मुंबई: (Bhiwandi Methanol Racket)
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली देसी शराब पीने से हुई 22 लोगों की मौत के मामले ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मौत के इस कारोबार से जुड़े नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच एजेंसियों को इस मामले में भिवंडी कनेक्शन मिला है, जहां से कथित रूप से जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए मिथेनॉल की सप्लाई की गई थी।
अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की विशेष जांच टीम ने भिवंडी स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 6 टन मिथेनॉल बरामद किया है। अधिकारियों का मानना है कि यही जहरीला रसायन पुणे में बेची गई अवैध शराब में मिलाया गया था, जिसके सेवन से 22 लोगों की जान चली गई और कई अन्य लोगों की हालत गंभीर हो गई।
एफडीए की बड़ी कार्रवाई, गोदाम से मिला जहरीला रसायन
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने भिवंडी स्थित ‘रेक्स इंटरनेशनल’ नामक कंपनी के गोदाम में छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों को वहां लगभग 5,929 किलोग्राम मिथेनॉल का भंडार मिला। इतनी बड़ी मात्रा में बरामद किए गए इस रसायन ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, मिथेनॉल एक अत्यंत खतरनाक और विषैला रसायन है, जिसका उपयोग औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। यदि इसे शराब में मिलाकर सेवन किया जाए तो यह मानव शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके सेवन से आंखों की रोशनी चली जाना, किडनी और लीवर फेल होना, तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचना और मौत तक हो सकती है।
रिकॉर्ड में नहीं मिला कोई उल्लेख
जांच के दौरान सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि गोदाम में रखे गए मिथेनॉल का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। कंपनी के दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच करने पर इस रसायन के भंडारण या वितरण का कोई उल्लेख नहीं मिला।
एफडीए अधिकारियों का कहना है कि इससे यह संदेह और मजबूत हो गया है कि मिथेनॉल का कारोबार अवैध रूप से किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस रसायन की सप्लाई पिछले कुछ वर्षों में किन-किन स्थानों पर की गई और इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
महाराष्ट्र के कई हिस्सों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि भिवंडी से केवल पुणे ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी मिथेनॉल की सप्लाई की जाती थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। आशंका है कि अवैध शराब बनाने वाले कई गिरोह इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा नहीं होता तो भविष्य में और भी बड़ी त्रासदियां सामने आ सकती थीं। इसलिए पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौत के कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुणे जहरीली शराब कांड के बाद राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित विभागों को अवैध शराब निर्माण, रसायनों की अवैध खरीद-बिक्री और वितरण नेटवर्क की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
एफडीए, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मिथेनॉल की खरीद किसने की, इसे कहां-कहां भेजा गया और किन लोगों ने इसे अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल किया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़ित परिवारों में आक्रोश
जहरीली शराब पीने से अपने परिजनों को खो चुके परिवारों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।
इस बीच, जांच एजेंसियों का दावा है कि मौत के इस कारोबार में शामिल पूरे नेटवर्क का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा और महाराष्ट्र में अवैध शराब तथा जहरीले रसायनों के काले कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
Bhiwandi Methanol Racket: भिवंडी से पुणे तक मौत की सप्लाई! जहरीली शराब कांड में 6 टन मिथेनॉल जब्त, बड़े रैकेट का खुलासा

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