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Railway:238 एसी लोकल ट्रेन का नही है अता पता, मात्र १४ एसी लोकल ट्रेन दे रही है दोनो लाइनों पर सेवा, यात्रियों की बढ़ी मांग का सरकार पर नही है कोई असर

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मुंबई। रोज सफर कर रहे मुम्बईकर के लिए चिलचिलाती गर्मी से बचने का ऐसी लोकल ट्रेनें सबसे बेहतर विकल्प होता हैं। एक तरफ गर्मी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है वही दूसरे तरफ गर्मी में मुंबईकरों की ठंडी सवारी की उम्मीदों को धराशायी कर दिया है गया है। इस साल रेलवे द्वारा मुंबई उपनगर में एसी लोकल ट्रेनों के मांग को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।

एसी लोकल यात्रियों की पहली पसंद बना गई है, लेकिन इस चिलचिलाती धूप में यात्रा कर रहे यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए मात्र 13 ट्रेनें हैं। मुंबई के लिए लगभग 238 एसी लोकल ट्रेनों के लिए प्रस्तवाना भेजी गई थी, परंतु दिल्ली में ये फाइलें ठंडे बस्ते पड़ी है। अभी तक सरकार द्वारा इस विषय में किसी भी प्रकार को जानकारी नहीं मिली है। मुंबई के लिए चेन्नई से इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा आखिरी एसी लोकल ट्रेन 30 नवंबर, 2022 आखिरी बार रवाना की गई थी। लेकिन वही मिली जानकारी के अनुसार आने वाले समय में अभी नई एसी ईएमयू ट्रेन का निर्माण नही हो रहा हैं।

वेस्टर्न रेलवे के बोरिवली स्टेशन से एसी लोकल ट्रैनों को लेकर काफी मांग हो रही है वही सेन्ट्रल रेलवे में डोंबिवली स्टेशन है। पश्चिम रेलवे के अप्रैल 2022 से 26 फरवरी, 2023 तक 2 करोड़ से अधिक जबकि सेंट्रल रेलवे के एसी लोकल में 1.25 करोड़ की लोगों ने यात्रा किया है। मौजुदा समय में मुंबई रेलवे द्वारा वेस्टर्न और सेंट्रेल रेलवे मार्ग पर सेवा प्रदान करने के लिए मात्र 14 एसी लोकल ट्रेनें हैं।

शहर को मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत 238 नई 12-कार एसी लोकल ट्रेनें मिलनी थीं। मिली जानकारी के अनुसार एसी ट्रेनों की खरीद के लिए बोली दस्तावेजों और विशिष्टताओं पर काम चल रहा है। ट्रेनों के खरीद के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ वित्तीय समझौते बात चल रही है।

लोकल ट्रेन के यात्री महेशराज ने बताया कि रोज आने जाने के लिए पहले मैं सामान्य लोकल ट्रेन का इस्तेमाल कर रहा था भिड़, गर्मी और बारिश में अलग – अलग तकलीफों का सामना करना पड़ रहा था। एसी लोकल से अब यात्रा करना काफी आरामदेह लेकिन कुछ दिनों से भिड़ ज्यादा बढ़ गई है, बिना टिकट के यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ ट्रैनों की संख्या कम है। रेलवे को ट्रेन संख्या बढ़ाने की जरूरत है।

 

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