जो इंडिया / नवी मुंबई : (BJP leader son attack)
नवी मुंबई के कोपरखैराणे (koperkhairne) सेक्टर 23 इलाके में भाजपा अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव बॉबी शेख के बेटे यश शेख की दबंगई का मामला सामने आया है। यश शेख ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर लाठी, बांस और बियर की बोतल से जानलेवा हमला किया। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
घटना कैसे हुई
शिकायतकर्ता प्रवीण दत्ता पवार और उसका दोस्त अक्षय केशव भोसले शुक्रवार की रात कोपरखैराणे सेक्टर 23 स्थित साईबाबा मंदिर रोड पर अपनी स्कूटी खड़ी कर फोन पर बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक भाजपा नेता बॉबी शेख का बेटा यश शेख दो से तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि उन्होंने दोनों युवकों की ओर देखते हुए उन्हें उकसाने की कोशिश की।
जब प्रवीण पवार ने इसका कारण पूछा, तो दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यश शेख और उसके साथियों ने गुस्से में आकर लकड़ी की बैट, बांस और बियर की बोतल से दोनों युवकों पर हमला बोल दिया। इस हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, इस हमले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
रुग्णालय में इलाज के दौरान घायल प्रवीण पवार का बयान दर्ज किया गया, जिसके आधार पर कोपरखैराणे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश गवळी के मार्गदर्शन में एपीआई प्रदीप दुपटे और नितीन कुंभार जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने आरोपी यश शेख को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 (मारपीट), 324 (घातक हथियार से हमला), 504 (उकसाने की कोशिश) और 34 (साझा आपराधिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का बयान
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश गवळी ने बताया कि,
> “घटना बेहद गंभीर है। आरोपी कोई भी हो, कानून से ऊपर कोई नहीं। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है कि भाजपा नेता के बेटे की ऐसी हरकत पार्टी की छवि पर धब्बा है। वहीं, आम नागरिकों ने भी मांग की है कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि किसी को भी कानून हाथ में लेने की हिम्मत न हो।
