जोइंडिया टीम/मुंबई:
सूत्रों के अनुसार, दो हफ्ते पहले गोवा में बनाई गई नकली शराब टैंपो में भरकर मुंबई लाई जा रही थी। पुलिस ने इसे पकड़ा, लेकिन यह केवल एक मामूली घटना है। मुंबई में ट्रकों में भरकर नकली शराब लगातार पहुंच रही है। शराब की बोतलें विदेशी ब्रांड जैसी लगती हैं, लेकिन अंदर का पेग नकली और खतरनाक होता है।
बार कर्मचारियों का कहना है कि जश्न के दौरान पहले कुछ पैग असली शराब परोसे जाते हैं, लेकिन जैसे ही लोगों को नशा चढ़ता है, नकली शराब देना शुरू हो जाता है। इस नकली शराब का सेवन खतरनाक साबित हो सकता है और कई जगहों पर इससे मौतें भी हुई हैं।
हाल ही में महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने धारावी, मालाड, खार और चेंबूर में छापेमारी कर बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। मालाड में एक टेम्पो से 12 लाख रुपये से ज्यादा की नकली विदेशी शराब बरामद की गई, जबकि खार के दो फ्लैटों से 20 लाख रुपये से अधिक की नकली शराब और रैकेट से जुड़ा सामान जब्त हुआ। भिवंडी और मीरा रोड में भी नकली शराब, खाली बोतलें, नकली लेबल और सीलिंग मशीनें जब्त की गईं, जिनकी कुल कीमत 61.46 लाख रुपये बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली शराब अक्सर सस्ती और हानिकारक चीजों के मिश्रण से बनाई जाती है और ब्रांडेड बोतलों में बेची जाती है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा रहता है। इसमें शामिल मेथनॉल अत्यधिक विषैला होता है और इसका सेवन मौत का कारण बन सकता है।
शहरवासियों को नए साल के जश्न में सतर्क रहने और केवल प्रमाणित स्रोतों से ही शराब लेने की सलाह दी जा रही है, ताकि जहरीली शराब के खतरों से बचा जा सके।
