जो इंडिया / मुंबई: (Aditya Thackeray attack on Mahayuti government)
शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के नेता और युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र की महोयुति सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि “यह सरकार जनता की नहीं, बल्कि बिल्डर और ठेकेदारों की है।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कृपा से बनी यह सरकार अब जनता के भरोसे को दरकिनार कर केवल अपने ‘लाड़ले बिल्डरों’ और ‘ठेकेदारों’ के हितों के लिए काम कर रही है।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनहित के निर्णय लेने के बजाय अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुणे के लोकमान्य नगर पुनर्विकास प्रकल्प इसका ताजा उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि लोकमान्य नगर के स्थानीय नागरिकों ने अपनी पसंद की विकास योजना स्वयं चुनी थी और उसी के अनुसार पुनर्विकास का काम होना तय था। लेकिन अचानक स्थानीय विधायक के एक पत्र के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस परियोजना को रोकने का आदेश जारी कर दिया। “आखिर इतनी जल्दी यह निर्णय क्यों लिया गया? क्या इसके पीछे किसी बिल्डर का दबाव था?” — ठाकरे ने सवाल उठाया।
आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि अब “क्लस्टर डेवलपमेंट” के नाम पर यह जमीन सत्ता में बैठे नेताओं के करीबी एक बिल्डर को देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, “अगर मुख्यमंत्री बिना स्थानीय नागरिकों की राय लिए ऐसे फैसले ले रहे हैं, तो सवाल उठता है कि यह सरकार जनता की है या बिल्डरों की?”
इसके साथ ही आदित्य ठाकरे ने पुणे में ऑप्टिक फाइबर बिछाने के नाम पर की जा रही सड़क खुदाई पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “जब पुणे की सड़कों को बार-बार खोदा जाएगा, तब नागरिकों को होने वाली परेशानी के लिए कौन जिम्मेदार होगा? क्या ठेकेदारों से इसके लिए मनपा द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क को माफ कर दिया जाएगा? या फिर सरकार अपने ‘प्रिय ठेकेदारों’ को एक और राहत देने जा रही है?”
ठाकरे ने कहा कि सरकार की हर नीति और हर निर्णय में अब जनहित से ज्यादा ठेकेदारों और बिल्डरों का हित झलकने लगा है। “यह सरकार जनता की नहीं, बल्कि बिल्डर और ठेकेदारों की सरकार बन चुकी है,” उन्होंने तीखे शब्दों में कहा।
