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Shrikant Shinde Attacks Shiv Sena UBT: श्रीकांत शिंदे ने घेरा शिवसेना (UBT): चुनाव के समय नेता गायब, हार के बाद EVM पर ठीकरा

Shrikant Eknath Shinde

Shrikant Shinde Attacks Shiv Sena UBT: लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) ने कांग्रेस (Congress)

और शिवसेना (UBT) (Shiv Sena UBT) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने बालासाहेब ठाकरे का मतदान अधिकार छीन लिया था, आज वही शिवसेना (UBT) उसी कांग्रेस की गोद में बैठी है। शिंदे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और शिवसेना (UBT) की राजनीति हमेशा लोकतंत्र-विरोधी रही है।

 

शिंदे ने विपक्ष के “लोकतंत्र बचाओ” अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के इतिहास में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव में गड़बड़ी के आरोप में दोषी ठहराया था और उनका चुनाव रद्द कर दिया था। लेकिन फैसले का सम्मान करने के बजाय कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोप दिया और लोकतंत्र को कलंकित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा कानून भी बनाया, जिसके तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती ही नहीं दी जा सकती थी।

मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए शिंदे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन्हें अपना वोट बैंक मानकर नीतियाँ बनाती है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई में भी रोहिंग्या की संख्या बढ़ रही है और इसी कारण कांग्रेस SIR कानून का विरोध कर रही है।

शिंदे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का मतदान अधिकार छीनने वाले चुनाव आयुक्त एम.एस. गिल को कांग्रेस ने बाद में मंत्री बनाकर उसका इनाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (UBT) ने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं को अकेला छोड़ दिया। कई नेता घरों में बैठे रहे, कई सीटें बिना मुकाबले चली गईं और हार के बाद EVM और चुनाव आयोग पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। शिंदे ने कहा कि यह शिवसेना (UBT) की दोहरी राजनीति है।

चुनाव सुधारों पर अपने सुझाव देते हुए शिंदे ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष की जानी चाहिए। देश में सभी चुनावों के लिए एक ही मतदाता सूची बनाई जानी चाहिए और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ मॉडल को जल्द लागू करना चाहिए। प्रवासी मजदूरों के लिए रिमोट वोटिंग की व्यवस्था बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

शिंदे ने कहा कि आज दुनिया भारत को लोकतंत्र की जननी मानती है क्योंकि यहाँ की चुनाव व्यवस्था समय के साथ मजबूत और आधुनिक हुई है। अमेरिका में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिलने में 144 साल लगे, लेकिन भारत ने शुरू से ही पुरुषों और महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर गढ़चिरोली जैसे इलाकों में भी अब रिकॉर्ड मतदान हो रहा है।

बॉक्स
शिंदे ने दावा किया कि 1952 के पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने साजिश करके डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को हराया था। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने बाबा साहेब के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा किया और जब जीत स्पष्ट दिखाई देने लगी, तब कांग्रेस ने 74,333 वोट अवैध घोषित कर दिए। इसी वजह से बाबा साहेब को लगभग 14,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। शिंदे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तभी से मतचोरी की राजनीति शुरू कर दी थी।

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