जो इंडिया / मुंबई। प्रसिद्ध जसलोक अस्पताल (Jaslok Hospital) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अंधेरी निवासी सम्राट मोरे की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में उनके परिवार ने डॉक्टरों और नर्सिंग एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के भाई ने गांवदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सम्राट मोरे को पिछले एक साल से खांसी के साथ खून आ रहा था। शुरुआती इलाज कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में हुआ, जहां जांच में फेफड़ों में फंगल संक्रमण (Fungal Infection) पाया गया। वहां के डॉक्टर सुमित ने सर्जरी की सलाह दी। दूसरे मत के लिए मरीज को जसलोक अस्पताल में डॉ. विमेश राजपूत को दिखाया गया, जिन्होंने भी ऑपरेशन की जरूरत बताई।
medical negligence in Mumbai hospital,सम्राट को 14 मार्च 2025 को जसलोक अस्पताल में भर्ती किया गया और 15 मार्च को उनकी सर्जरी की गई। शुरुआत में उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन बाद में जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। दुर्भाग्यवश, अस्पताल की नर्सिंग सेवा उपलब्ध नहीं थी, जिससे निजी नर्सिंग एजेंसी क्रिटिकल केयर यूनिफाइड प्रा. लि. से स्टाफ (Staff from private nursing agency Critical Care Unified Pvt. Ltd.) बुलाया गया।
बढ़ती लापरवाही और फेफड़ों का खराब होना
10 अप्रैल को नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की कथित लापरवाही सामने आई। आरोप है कि बायपैप मशीन का गलत इस्तेमाल हुआ, जिससे सम्राट के फेफड़ों में पानी भर गया और संक्रमण फैल गया। इसके चलते एक फेफड़ा निकालना पड़ा।
सम्राट की तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई और उन्हें दोबारा आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनका दायां फेफड़ा भी पूरी तरह से खराब हो चुका है और शरीर में जहर फैलने का खतरा है, इसलिए 2 मई को वह भी निकालना पड़ा। इसके बाद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः 23 जून को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार का आरोप और पुलिस जांच
मृतक के भाई ने अस्पताल प्रशासन, डॉक्टर और नर्सिंग एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत इलाज और देखभाल के अभाव में उनके भाई की जान चली गई। गांवदेवी पुलिस स्टेशन में इसकी विधिवत शिकायत दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
