जो इंडिया / जयपुर: राजस्थान में खाद्य सुरक्षा (Rajasthan food safety review) को लेकर राज्य सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (State government and Food Safety and Standards Authority of India regarding food safety in Rajasthan,
कमलावर्धन राव ने बैठक में कहा कि घी, दूध, पनीर और मसालों जैसे रोजमर्रा के उपयोग के खाद्य पदार्थों के नियमित रूप से नमूने लिए जाएं ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि खाद्य मिलावट से जुड़े कानूनी मामलों का निपटान पहली सुनवाई के 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।

बैठक में राव ने राजस्थान सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में मिलावट रोकने और खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बीकानेर में प्रस्तावित अत्याधुनिक फूड सेफ्टी लैब की स्थापना प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रक्रिया में एफएसएसएआई राज्य सरकार को पूरा सहयोग देगा।
🔷 FSSAI की मुख्य निर्देश और घोषणाएं:
1-राज्य में रिक्त पड़े खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSO) के सभी पद जल्द भरने के निर्देश।
2- त्योहारी सीजन में मिलावट की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने की योजना।
3- एक एआई-आधारित मोबाइल ऐप का विकास, जिससे आमजन को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने, जानकारी प्राप्त करने और जागरूकता सामग्री पढ़ने में आसानी होगी।
4- बैठक में राजस्थान के खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री एच. गुइटे ने राज्य में चल रही पहलों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में मिलावट के मामलों पर कार्रवाई में तेजी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि एआई आधारित मोबाइल ऐप का बीटा संस्करण जल्द ही जारी किया जाएगा।
5- इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफएसएसएआई के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शामिल हुए।
6- एफएसएसएआई के कार्यकारी निदेशक श्री सत्येन कुमार पंडा और निदेशक श्री राकेश कुमार ने भी बैठक में भाग लेते हुए अधिनियम के सख्त पालन और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक सुझाव दिए।
‘कामलावर्धन राव ने अंत में कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी समझौता स्वीकार नहीं होगा और राजस्थान में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को देश में आदर्श बनाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।’



