नाशिक। (Ashok Kharat Case)
अंधविश्वास और कथित ढोंग के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाकर ठगी करने के आरोपों में घिरे अशोक खरात मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस पूरे मामले में उसकी पत्नी कल्पना खरात (पूर्व नाम सुनीता) की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस केस की तह तक जाने के लिए हर पहलू खंगाल रही है, वहीं कल्पना की फरारी ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
पत्नी की फरारी ने बढ़ाई जांच की दिशा
सूत्रों के अनुसार, शिर्डी क्षेत्र में जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में अशोक खरात के साथ उसकी पत्नी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही कल्पना फरार हो गई, जिससे जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस अब उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गरीबी से ऐशोआराम तक का सफर
जांच में सामने आया है कि कल्पना खरात का मायका सिन्नर तालुका के पाडळी गांव में है, जहां आज भी उसका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। परिवार पर पिछले कुछ वर्षों में कई दुखों का साया रहा—पहले बड़े भाई की सड़क हादसे में मौत और फिर पिता का बीमारी से निधन। वर्तमान में घर में बुजुर्ग मां, विधवा भाभी और एक छोटा भतीजा ही हैं, जो मुश्किल हालात में जीवन यापन कर रहे हैं।
इसके विपरीत, शादी के बाद कल्पना की जिंदगी में अचानक बड़ा बदलाव आया। आलीशान जीवनशैली, महंगे शौक और सामाजिक दूरी ने गांववालों को भी हैरान कर दिया। बताया जाता है कि उसने धीरे-धीरे अपने मायके से दूरी बना ली थी और शायद ही कभी गांव लौटती थी।
उम्र में बड़ा अंतर, देर से हुई शादी
अशोक खरात की शादी लंबे समय तक नहीं हो पा रही थी, जिसकी वजह उसकी बढ़ती उम्र बताई जाती है। आखिरकार एक रिश्तेदार के जरिए सुनीता उर्फ कल्पना से विवाह तय हुआ। दोनों के बीच उम्र का काफी अंतर था। यह भी कहा जा रहा है कि शादी का पूरा खर्च खरात परिवार ने उठाने की पेशकश की थी, जिसके बाद लड़की के परिवार ने इस रिश्ते को मंजूरी दी।
जांच के घेरे में कई सवाल
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कल्पना इस पूरे कथित ठगी और अंधविश्वास के खेल में सक्रिय रूप से शामिल थी, या वह केवल एक मोहरा थी? उसकी फरारी क्या किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की ओर इशारा कर रही है?



