जो इंडिया / मुंबई। (Mumbai Local Women Safety)
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने वाली लाखों महिला यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने एक अहम और सराहनीय पहल शुरू की है। Railway Protection Force
Western Railway के मुंबई उपनगरीय खंड में शुरू की गई इस पहल के तहत चर्चगेट से डहाणू के बीच कुल 11 ‘सखी’ व्हाट्सऐप ग्रुप सक्रिय किए गए हैं। इन ग्रुप्स में करीब 1500 नियमित महिला यात्रियों को जोड़ा गया है, जिससे वे सीधे महिला आरपीएफ अधिकारियों के संपर्क में रह सकें।
तुरंत कार्रवाई, एक-दो स्टेशन में मदद
लोकल ट्रेन यात्रा के दौरान महिलाओं को अक्सर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है—जैसे महिलाओं के डिब्बों में पुरुषों की अवैध घुसपैठ, चोरी, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाएं। ऐसे मामलों में अब महिला यात्री ‘सखी’ ग्रुप में तुरंत संदेश भेजकर मदद मांग सकती हैं।
महिला यात्री अगर घटना की फोटो, ट्रेन या स्टेशन का नाम और स्थिति की जानकारी ग्रुप में साझा करती हैं, तो आरपीएफ की टीम अगले एक या दो स्टेशनों के भीतर संबंधित ट्रेन में पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी। यह व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देने के साथ-साथ अपराधियों में भी डर पैदा करेगी।
महिला अधिकारियों के हाथ में कमान
इन सभी व्हाट्सऐप ग्रुप्स का संचालन महिला उपनिरीक्षक (SI) या सहायक उपनिरीक्षक (ASI) स्तर की महिला आरपीएफ अधिकारी कर रही हैं। इससे महिला यात्रियों को अपनी समस्या साझा करने में सहजता महसूस होगी और शिकायतों का तेजी से निवारण संभव हो सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त
आरपीएफ ने इस पहल के साथ-साथ लोकल ट्रेनों में गश्त और निगरानी भी बढ़ा दी है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले समय में महिला डिब्बों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
‘रेल मदद’ हेल्पलाइन का भी सहारा
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, ‘सखी’ व्हाट्सऐप ग्रुप के साथ-साथ Rail Madad 139 Helpline भी सक्रिय है। जरूरत पड़ने पर महिला यात्री 139 नंबर पर कॉल कर भी सहायता प्राप्त कर सकती हैं। यह दोहरी व्यवस्था आपातकालीन स्थितियों में राहत पहुंचाने में काफी प्रभावी साबित हो रही है।
क्या बोले अधिकारी
मुंबई आरपीएफ के सुरक्षा आयुक्त रजत कुंदगीर ने बताया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग यात्रियों के लिए बनाए गए ग्रुप्स की सफलता के बाद अब ‘सखी’ पहल शुरू की गई है, जिससे महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके। उनका मानना है कि यह पहल न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी।
महिलाओं के लिए भरोसे की नई डोर
‘सखी’ व्हाट्सऐप ग्रुप पहल मुंबई लोकल में सफर करने वाली महिलाओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है। डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से न केवल अपराध पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित और निर्भय होकर यात्रा करने का माहौल भी मिलेगा।



