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तळोजा एमआईडीसी इलाके में अनैतिक मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। होटल नवनाथ इन नामक लॉज की आड़ में लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस ने छापा मारकर एक नाबालिग विदेशी (बांग्लादेशी) लड़की समेत कुल 7 पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के हवाले किया।
नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे के निर्देशानुसार, सह पुलिस आयुक्त संजय येनपुरे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) दीपक साकोरे और पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) सचिन गुंजाळ के नेतृत्व में शहरभर में अनैतिक व्यापार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत यह कार्रवाई अंजाम दी गई।
अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष (AHTU) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पृथ्वीराज घोरपड़े को 21 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि तळोजा एमआईडीसी स्थित होटल नवनाथ इन में ग्राहकों से तय रकम वसूल कर महिलाओं से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने डमी ग्राहक भेजा और संकेत मिलते ही पूरी टीम ने लॉज पर एक साथ छापा मारा।
छापेमारी के दौरान लॉज के कमरों में महिलाओं को जबरन रोके जाने और देह व्यापार के लिए मजबूर किए जाने के पुख्ता सबूत मिले। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह विदेशी महिलाओं को अवैध तरीके से भारत लाकर उनका शोषण कर रहा था। नाबालिग लड़की की बरामदगी से मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
जांच में वसंत गणेश शेट्टी (लॉज मालिक), गिरीश विठ्ठल शेट्टी (लॉज मैनेजर) और रोशन रामजित यादव (सर्विस बॉय) की भूमिका स्पष्ट हुई है। तीनों ने मिलकर इस अवैध धंधे को संचालित किया और ग्राहकों से पैसे वसूल कर महिलाओं को सौंपते थे।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, अनैतिक व्यापार (प्रतिबंध) अधिनियम 1956 तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच तळोजा पुलिस स्टेशन कर रही है।
