कुश्ती का सितारा अब सलाखों के पीछे
जो इंडिया / मुंबई: ‘महाराष्ट्र केसरी’ (‘Maharashtra Kesari’) का खिताब जीत चुके नामी पहलवान सिकंदर शेख (wrestler Sikandar Sheikh) को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अवैध शस्त्र तस्करी और अंतरराज्यीय अपराध गिरोह से संबंध के आरोपों में की गई है। पुलिस के मुताबिक, शेख का नाम एक बड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है, जिसके तार राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं।
पंजाब पुलिस की गुप्त कार्रवाई
मोहाली पुलिस की सीआईए यूनिट ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारते हुए सिकंदर शेख समेत कई लोगों को पकड़ा। छापे के दौरान पुलिस ने 4 पिस्तौलें, जिंदा कारतूस, भारी नकदी और एक लग्ज़री कार जब्त की। जांच में सामने आया कि ये सभी हथियार अवैध रूप से राजस्थान से पंजाब भेजे जा रहे थे और इसमें शेख की सक्रिय भूमिका थी।
‘पापला गुर्जर गैंग’ से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिकंदर शेख का संबंध राजस्थान की कुख्यात ‘पापला गुर्जर गैंग’ से है, जो कई राज्यों में शस्त्र तस्करी के लिए कुख्यात है। बताया जा रहा है कि यह गैंग लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई और अपराधी गिरोहों को सहायता प्रदान करती रही है।
परिवार ने बताया झूठा फँसाया गया
सिकंदर शेख की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “हमारे बेटे को झूठे मामले में फँसाया जा रहा है।” परिवार का दावा है कि सिकंदर एक मेहनती खिलाड़ी है और उसे किसी षड्यंत्र के तहत फँसाया गया है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो शेख की संलिप्तता साबित करते हैं।
कुश्ती जगत में सदमा और सवाल
इस गिरफ्तारी से कुश्ती जगत में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां खेल प्रेमी हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर खेल संस्थाएं अब अपने खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि की निगरानी पर जोर दे रही हैं। कई वरिष्ठ कोचों का कहना है कि यह घटना खिलाड़ियों के लिए चेतावनी है कि वे गलत संगत से बचें और खेल की प्रतिष्ठा को बनाए रखें।
जांच में जुटी पुलिस और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है — कौन-कौन इसमें शामिल है, हथियार कहाँ से आते थे और किन राज्यों में सप्लाई किए जाते थे। सिकंदर शेख को कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस को रिमांड दी गई है। पंजाब पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
सवालों के घेरे में खेल जगत की साख
यह मामला न केवल अपराध की दृष्टि से गंभीर है बल्कि खेल जगत की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। जब एक ‘महाराष्ट्र केसरी’ स्तर का खिलाड़ी ऐसे संगीन आरोपों में फँसता है, तो यह बताता है कि खेल संस्थाओं को खिलाड़ियों की गतिविधियों पर और सख्त निगरानी रखनी होगी।



