जो इंडिया / नागपुर/अमरावती : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ( Nitin Gadkari )ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि “आम जनता जातिवादी नहीं है, बल्कि नेता अपने स्वार्थ के लिए जातिवाद को खड़ा करते हैं।” उन्होंने कहा कि राजनीति का मतलब समाज सेवा होना चाहिए, न कि जातिगत समीकरणों का खेल।
अमरावती में श्री शिवाजी शिक्षण संस्था द्वारा आयोजित समारोह में गडकरी को ‘डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति पुरस्कार 2024’ से सम्मानित किया गया। इस मौके पर गडकरी ने समाज और राजनीति के संबंधों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा है, इसलिए उसे राजनीति में जगह मिले – यह सोच मैं नहीं रखता। उसे अपने कर्मों से स्थान बनाना चाहिए।”
गडकरी ने मंच से एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्हें पुरस्कार स्वरूप मिली ₹5 लाख की राशि को लौटाते हुए उन्होंने उसमें ₹20 लाख और जोड़ दिए। अब यह ₹25 लाख की राशि विदर्भ के पांच किसानों को पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “किसानों का जीवन बदलना ही असली पुरस्कार है।”
महिला किसानों को भी मिला सम्मान
समारोह में विदर्भ की दो महिला किसानों को भी सम्मानित किया गया।
अकोला की वंदना धोत्रे को ‘शारदाबाई पवार उत्कृष्ट महिला किसान पुरस्कार 2024’ से नवाजा गया।
भंडारा जिले की वंदना वैद्य को ‘श्रीमती विमलाबाई देशमुख कृषि प्रेमी महिला किसान पुरस्कार 2024’ प्रदान किया गया।
गडकरी के इस बयान और कदम को नागपुर की हालिया घटनाओं के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके इस रुख ने राजनीति में जातिवाद और वंशवाद पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
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