By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
      • आध्यात्म
Reading: Justice Ravi Kumar Divakar : 5 माह में 23 दोषियों को फांसी सुनाने वाले जज का छलका दर्द
Share
Font ResizerAa
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
Search
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
Have an existing account? Sign In
Follow US

Home » Justice Ravi Kumar Divakar : 5 माह में 23 दोषियों को फांसी सुनाने वाले जज का छलका दर्द

क्राइमदेश-दुनियारीडर्स चॉइससिटी

Justice Ravi Kumar Divakar : 5 माह में 23 दोषियों को फांसी सुनाने वाले जज का छलका दर्द

dinu
Last updated: September 13, 2026 12:57 am
dinu
Published: September 9, 2026
Share
23 फांसी की सजा देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का बड़ा खुलासा!
23 फांसी की सजा देने वाले जज का बड़ा खुलासा! बोले- माफिया ने कहा, पीछे पड़े तो अदालत बदलवा देंगे
SHARE

ज्योति दूबे / जोइंडिया टीम लखनऊ : Justice Ravi Kumar Divakar पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अपने कड़े फैसलों के लिए चर्चा में आए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के एक फैसले ने न्यायपालिका पर कथित दबाव और माफिया के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या के एक मामले में 23वीं मौत की सजा सुनाते हुए जज दिवाकर ने अपने 77 पन्नों के फैसले में बेहद कड़े शब्दों में अपनी पीड़ा दर्ज की। उन्होंने कहा कि “मैं मरना पसंद करूंगा, लेकिन डरपोक जज कहलाना नहीं।”

Contents
  • 97 केस हटे तो सामने आई तबादले की धमकी -Justice Ravi Kumar Divakar
  • ‘डर गया तो न्यायिक सेवा से इस्तीफा देना बेहतर होगा ?’-Justice Ravi Kumar Divakar
  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल ?- Justice Ravi Kumar Divakar
  • जज रवि कुमार दिवाकर –
  • “न्याय की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को अपराधियों के दबाव में फैसला नहीं करना चहिए, बल्कि कानून के मुताबिक न्याय देना उसका धर्म है।”
  • जोइंडिया पर इसे भी पढ़ें-
Advertisement

जज दिवाकर के मुताबिक, पिछले 5 महीनों में वह हत्या के 10 मामलों में 22 दोषियों को मृत्युदंड सुना चुके थे। ताजा फैसले के बाद यह संख्या बढ़कर 23 हो गई है। उनके लगातार कठोर फैसलों के बीच 18 अगस्त को उनकी फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 से हत्या के 97 गंभीर मुकदमे प्रशासनिक आदेश के तहत वापस लेकर दूसरी अदालत में भेज दिए गए थे।

97 केस हटे तो सामने आई तबादले की धमकी -Justice Ravi Kumar Divakar

जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया की ओर से उन्हें संदेश भिजवाया गया था कि अभी केवल मुकदमे हटाए गए हैं। यदि उन्होंने माफिया के खिलाफ कोई टिप्पणी की या उनके पीछे पड़े, तो उनकी अदालत बदलवाई जा सकती है या उनका जिले से बाहर तबादला कराया जा सकता है।

हालांकि, इस कथित धमकी की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। लेकिन किसी न्यायाधीश द्वारा अपने फैसले में इस तरह के दबाव का उल्लेख किए जाने से न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

‘डर गया तो न्यायिक सेवा से इस्तीफा देना बेहतर होगा ?’-Justice Ravi Kumar Divakar

जज दिवाकर ने अपने फैसले में साफ शब्दों में कहा कि यदि वह माफिया, बाहुबलियों और अपराधियों से डर गए तो ऐसी न्यायिक सेवा में बने रहने के बजाय इस्तीफा देना बेहतर समझेंगे। उनका कहना था कि जब तक वह न्यायाधीश की कुर्सी पर हैं, तब तक फैसला लेने का अधिकार उनका है।

उनके इस बयान ने न्यायपालिका और अपराध जगत के कथित गठजोड़ को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यदि किसी जज को अपराधियों से कथित धमकी मिलने की बात अपने फैसले में दर्ज करनी पड़े, तो न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर व्यवस्था कितनी मजबूत है यह भी बहस का मुद्दा बन चुका है।

23 फांसी की सजा देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का बड़ा खुलासा!
23 फांसी की सजा देने वाले जज का बड़ा खुलासा! बोले- माफिया ने कहा, पीछे पड़े तो अदालत बदलवा देंगे

न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल ?- Justice Ravi Kumar Divakar

यह मामला सिर्फ 23 दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने तक सीमित नहीं है। असली सवाल न्यायपालिका की स्वतंत्रता का है। अगर किसी न्यायाधीश पर मुकदमों के जरिए दबाव बनाने या अदालत बदलवाने की कथित कोशिश होती है, तो यह कानून के शासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

जज रवि कुमार दिवाकर –

“न्याय की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को अपराधियों के दबाव में फैसला नहीं करना चहिए, बल्कि कानून के मुताबिक न्याय देना उसका धर्म है।”

 

जोइंडिया पर इसे भी पढ़ें-

1 99 फीसदी अंडरवर्ल्ड मेरे समर्थक हैं! नितिन गडकरी के बयान से गरमाई महाराष्ट्र की सियासत

2 Sion Bridge: 6 साल बाद 30 सितंबर को खुलेगा सायन पुल, नए सिरे से बनकर तैयार !

3 Maharashtra news : एकनाथ शिंदे के सिपाही ही उनके खिलाफ रच रहे साजिश? जरांगे का बड़ा हमला, बोले – सुपारी लेकर कर रहे काम।

Varsoli beach: स्वच्छता अभियान में वरसोली समुद्र किनारे मिला दस किलो चरस के पैकेट, पैकेटों को रायगढ़ पुलिस को सौंपा
Hanuman Chalisa: राणा दंपति की मुसीबतें बढ़ी, अवैध निर्माण पर मनपा ने चिपकाया नोटिस,
‘Daddy’ returns home after 17 years: अरुण गवली की रिहाई से दगड़ी चाल में जश्न, बीएमसी चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
Heatwave in Maharashtra: मुंबई को गर्मी से मिली राहत, लेकिन जल्द बढ़ेगा तापमान”
Ashok Kharat Vase: ‘सुनीता’ से ‘कल्पना’ बनी पत्नी की भूमिका पर गहराया शक, अशोक खरात केस में फरारी ने बढ़ाई साजिश की परतें
TAGGED:23 मौत की सजा97 केसअपराधउत्तर प्रदेशजज का बयानन्यायपालिकापुलिसमाफियामुजफ्फरनगररवि कुमार दिवाकरवाराणसी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Popular News
nhrc PTI
देश-दुनियाकल्याणठाणेनवीमुंबईमुंबईसिटी

MUMBI: मानवाधिकार आयोग का डीजी और चीफ सेक्रेटरी को समन

Deepak dubey
Deepak dubey
January 16, 2023
अनुपमा’ की मदद से पुलिस ने पढ़ाई सुरक्षा की पाठ
मोबाइल पर लगातार चल रहा अंगूठा, बन रहा मर्ज का कारण
war on urination:- घोर कलयुग, पेशाब करने पर हुई जंग
Salman Khan new movie: सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ को रिलीज़ से पहले ही रिकॉर्ड डील!
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • फिल्मी दुनिया
  • खेल
  • वेब स्टोरी

ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार - Joindia News

Joindia में आपका स्वागत है। यह आपका विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो देश-दुनिया की ताज़ा और सटीक ख़बरें आप तक पहुँचाता है। हम उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत सभी प्रमुख राज्यों की लोकल हरकतों को खास अंदाज में कवर करते हैं। साथ ही, राशिफल, मनोरंजन और वायरल वीडियो से आपको हर पल जोड़े रखते हैं।

Subscribe US

Joindia की ताज़ा ख़बरें अब आपके मेल में भी! हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें और हर पल बने रहें अपडेट।

@2022-25 - joindia.co.in. All Right Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?