शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले सोमवार सुबह-सुबह संसद भवन परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रही। ख़ास बात यह रही कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में INDIA ब्लॉक के फ्लोर लीडर्स की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस दौरान आने वाले दिनों की संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पिछले दिनों हुई तीखी राजनीतिक बहस के बाद विपक्ष सत्र में एकजुट होकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसी को लेकर यह उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
मीटिंग में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, MNM प्रमुख और राज्यसभा सांसद कमल हासन, शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव सहित कई विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने संसद में साझा मुद्दों पर एक स्वर में आवाज उठाने और सरकार की नीतियों पर प्रभावी ढंग से पलटवार करने की रूपरेखा पर विचार किया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में रोजगार, महँगाई, सामाजिक सौहार्द, महिला सुरक्षा, चुनावी बांड का मुद्दा और हालिया राजनीतिक विवादों को लेकर सरकार को जवाबदेह ठहराने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी दलों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस सत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी ताकत से उठाया जाएगा।
खरगे ने सभी पार्टियों से समन्वय बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि INDIA ब्लॉक को एकजुट होकर संसद में जनता की आवाज बुलंद करनी होगी। बैठक के बाद नेताओं का माहौल गंभीर और दृढ़ दिखा, जिससे संकेत मिलता है कि विपक्ष आने वाले सत्र में सरकार को कड़ी चुनौती देने के मूड में है।



